इंदौर.हिंदू-मुस्लिम नहीं लड़ता, लड़ता है तो शैतान। हमें नफरत को मारना होगा। दंगों में इंसान नहीं, इंसानियत मरती है। हर धर्म आपस में प्रेम की सीख देता है। धर्म एक ईंट की तरह है जिसे जोड़ दो तो मंदिर-मस्जिद बनते हैं और इसे फेंक दो तो फसाद हो जाता है। इस शहर का एक अलग ही मिजाज है यहां हिंसा भी होती है तो जल्द शांत भी हो जाते हैं।
ये विचार शनिवार को राजबाड़ा पर इंदौर एकता पंचायत के बैनर तले हुई सर्वधर्म शांति सभा में धर्मगुरुओं ने व्यक्त किए। इंदौर एकता पंचायत के बैनर तले हुए आयोजन में सभी धर्म के धर्मगुरु आए और उन्होंने आपस में भाईचारा, प्रेम और एकता की बात कही।
जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज ने कहा धर्म एक ईंट की तरह होता है इसे जोड़ दो तो मंदिर-मस्जिद बन जाते हैं, फेंको तो फसाद बनता है। जो खुद को अच्छा न लगे उसे दूसरों के साथ भी नहीं करें वही धर्म है। शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा इंसान आपस में लड़े इसके बजाय हमें देश के बारे में सोचना चाहिए वह किस तरह आगे बढ़े और विकास करे। मैं अपील करता हूं कि भाईचारे और मोहब्बत की बात लोग मोहल्ले स्तर पर भी करें। जैन साध्वी महासती सजनप्रभा ने कहा भारत भूमि धर्मवीरों और कर्मवीरों के साथ अवतारों की भूमि है। यहां पर इंसानियत से मंदिर और मानवता की मस्जिदें हैं।
फादर जोसुआ ने कहा हर धर्म प्रेम का संदेश देता है। मानव जाति उन्नति करे, सभी तरक्की करें और मिलजुलकर रहें। सरदार प्रीतमसिंह छाबड़ा ने कहा इंदौर में जो घटनाएं हुई वह शर्मनाक हैं। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च इसलिए बने हैं कि मानव-मानव से जुड़े।