इंदौर. साकेतनगर जोन पर अहिल्या विकास शिविर में गांधी हॉल और विजयनगर जोन के मुकाबले विकास के प्रस्ताव कम मिले जबकि प्राप्त शिकायतों ने दोनों जोनों के योग को भी पीछे छोड़ दिया।
करीब छह घंटे चले विकास शिविर में संपत्ति और जल कर नगर निगम द्वारा तीसरा अहिल्या समाधान और विकास शिविर शनिवार को साकेतनगर जोन पर हुआ। महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा और आयुक्त नीरज मंडलोई की मौजूदगी में ढाई सौ से अधिक ऐसे लोगों ने शिकायत की जिनका एक खाता होने के बावजूद दूसरा खाता खोल दिया गया।
वास्तविक और दर्ज क्षेत्रफल में अंतर और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नामांतरण न करने के प्रकरणों की संख्या भी काफी थी। महापौर ने बताया संपत्ति कर में ९७३ और जल कर में १२३ शिकायतें मिलीं। सभी शिकायतें 60 दिन में दूर करने का आश्वासन दिया गया। १.१५ करोड़ की लागत से विकासकार्यो के ३४ प्रस्ताव मिले। सड़क और फुटपाथ के साथ ड्रेनेज लाइन के लिए भी ५ प्रस्ताव मिले।
इनकी लागत करीब २५ लाख रुपए है। श्री मंडलोई ने लोगों को आश्वस्त किया कि प्राप्त प्रकरणों को 48 घंटों में स्वीकृति मिलेगी और छह सप्ताह में काम शुरू करा दिए जाएंगे। शिविर में जोन अध्यक्ष व वार्ड-३६ की पार्षद निर्मला लड्ढा, एमआईसी सदस्य व वार्ड-३४ के पार्षद चंदू शिंदे, वार्ड-९ की पार्षद शबाना गुड्डू, वार्ड-६२ की पार्षद अनुराधा उदावत और वार्ड-३९ के नंदकिशोर पहाड़िया भी मौजूद थे।
पंद्रह दिन में कटेगा खजराना टंकी का फीता
पार्षद और रहवासियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के जवाब में महापौर ने कहा ११ साल से तैयार खड़ी खजराना की पानी की टंकी का फीता पंद्रह दिन में कट जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए तारों की फिटिंग भी शुरू हो चुकी है जो आठ दिन में पूरी हो जाएगी। उन्होंने बगैर जनसहयोग से निपानिया रोड स्थित कब्रिस्तान के पास 8 लाख की सड़क को भी मंजूरी दी।