अटारी.
इंटरनेट पर दोस्ती, प्यार और फिर मुल्कों की सरहदें तोड़कर लाहौर के मुमताज खालिद से निकाह करके डेढ़ साल पहले पाकिस्तान गई आशा पाटील शनिवार को अटारी बॉर्डर से वतन लौट आईं।
पति को खोने सेगमजदा आशा ने बताया कि ससुराल वालों को उनकी हिंदू-मुसलमान शादी पर ऐतराज था। जब वह गर्भवती हुई तो उसके पति को ससुराल वालों ने जहर देकर मार डाला। अब उसने कसम खाई है कि वह उसी धरती पर अपने बच्चे को जन्म देगी, जहां उसके पति को मार दिया गया है। वह अपने बच्चे को पाकिस्तान की नागरिकता दिलवा कर रहेंगी।
आशा के मुताबिक उसका बच्च पाकिस्तान में ही पले यह उसके पति की तमन्ना थी। दस दिन के वीजा पर दिल्ली लाहौर बस से अटारी पहुंची आशा ने बताया कि पाकिस्तान में मुस्लिम रीति से निकाह के बाद शुरू-शुरू में सब ठीक था, बाद में ससुरालवालों ने उसे तंग करना शुरू कर दिया। ‘वे लोग चाहते थे कि मैं खालिद को छोड़कर भारत लौट जाऊं।’
इस विवाद के चलते 12 जून 2008 को उसके पति को खाने में जहर मिलाकर मार डाला गया। उसके बच्चे को गिराने के लिए उसे दवाओं के टीके लगाए गए, लेकिन परमात्मा ने उसे बचा लिया।
शिकायत करने पर वहां के थाने में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी इस समय जेल में हैं। उसने कहा कि बेशक उसे और उसके बच्चे को पाकिस्तान में खतरा है, परंतु वह पति के कातिलों को सजा दिला कर ही दम लेगी। वह मुंबई में अपने परिजनों से मिलेंगी और एक दरगाह मंे बच्चे के लिए दुआ मांग कर वापस पाकिस्तान लौट जाएंगी।