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कॉटन काउंसिल का गठन जल्द

चंडीगढ़. पंजाब सरकार उत्तरी क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य कॉटन काउंसिल का जल्द ही गठन करने का फैसला किया है। यह बात पंजाब टैक्सटाइल एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ (पी.एच.सी.) यूनिट की.‘टेकनोलोजीकल प्रोसेस इनोवेन’ संबंधी स्थानीय शिवालिक होटल में एक दिवसीय वाषिर्क कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कही।

उन्होंने कहा कि कहा कि देश और पंजाब में ऊंचा उठ रहा टैक्सटाइल का परिदृ³य टैक्सटाइल उद्योग के विकास के समर्थन में हैं किंतु इस विकास को बनाये रखने के लिए उद्योग हेतू बुनियादी ढांचे की सुविधाओं में सुधार लाने की बहुत अधिक आवश्यकता है ताकि यह उद्योग वि³व बाजार में प्रभावी ढंग से मुकाबला दे सकें।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह काउंसिल इस क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए एक मील पत्थर साहिब होगी। उन्होंने कहा कि राज्य कॉटन काउंसिल के सदस्य कपास उत्पादकों, टैक्सटाइल उत्पादनकारों, कपास कृषि के विशेषज्ञों और राज्य सरकार के अधिकारियों में से लिये जायेंगें।

कपास उत्पादन में होगी बढ़ौतरी: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कौंसिल का बुनियादी उद्धेश्य कपास उत्पादन में बढ़ोतरी करना और इससे संबंधित उद्योग को उत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि टैक्सटाइल ओर कपड़े का व्यापार 440 बिलियन अमेरिकी डालर तक पहुंच गया है यह क्षेत्र भारतीय उत्पादन उद्योग में भी बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है जोकि बीस प्रतिशत से अधिक औद्योगिक उत्पादन करता है और इसका कृषि और देहाती आर्थिकता से बहुत नजदीक का संबंध है।

टैक्सटाइल आउटपुट 10 हजार 500 करोड़ रुपए: बादल ने बताया कि पंजाब में कुल टैक्सटाईल आउटपुट अनुमानित 10,500 करोड़ रूपये है जिसमें 3250 करोड़ रूपये की ऊनी कपड़ा, शा¶ और सूती कपड़े का निर्यात भी शामिल है।

तीन टैक्सटाइल पार्कों की स्थापना को मंजूरी : बादल कहा कि एशिया का सबसे बड़ा हौजरी और उनी कपड़ों का केन्द्र लुधियाना है जहां कि छ: हजार से भी अधिक लघु स्तर की इकाइयां हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने लुधियाना में तीन टैक्सटाइल पार्कों की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी है।





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