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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा में बच्चों को समुचित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शुरू किए सर्व शिक्षा अभियान में अनियममिताएं बरते जाने से खफा शिक्षा मंत्री मांगेराम गुप्ता ने प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद की फाइलें निपटाने से मना कर दिया है। परिषद के पास करीब 400 करोड़ रुपए का भारी भरकम बजट है।
शायद इसी के चलते स्कूल, कॉलेजों और अन्य स्थानों पर तैनात लोग भी प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद में लगने के लिए लालायित रहते हैं। पिछले वर्ष शिक्षा अधिकार यात्रा निकालने वाली एक एनजीओ को करीब 1.25 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने से मंत्री खासे खफा हैं, जबकि कई फील्ड अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में इस एनजीओ के कामकाज को संतोषजनक नहीं बताया है। शिक्षा मंत्री के नोटिस में सामान की खरीद में होने वाली गड़बड़ियां भी आई हैं। अब शिक्षा मंत्री ने परिषद अधिकारियों को अपने पास फाइलें न भेजने के निर्देश दे दिए हैं।
गुप्ता बोले, गोपनीय मामला: शिक्षा मंत्री गुप्ता ने इसे विभाग का गोपनीय मामला बताते हुए कहा, वे इस मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।
पारदर्शिता का दावा: प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद से हाल ही बदली र्गई नीरजा शेखर का कहना है, परिषद के कामकाज में पारदर्शिता बरती गई है। सर्व शिक्षा अधिकार यात्रा निकालने वाली एनजीओ को जिलों में तैनात अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही किश्तों में भुगतान किया गया है।