हिसार. सिविल लाइन पुलिस ने एक बिल्डिंग की खरीद-फरोख्त को लेकर गणोश मार्केट स्थित प्रॉपर्टी डीलर सिंगला संस, उसके मालिक गुलशन सिंगला, उसकी पत्नी स्नेहलता और उनके दो बेटों अभिषेक व विवेक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
अर्बन एस्टेट-2 के मकान नंबर 1655 निवासी पंकज कुमार ने अर्बन एस्टेट चौकी इंचार्ज गुरमीत सिंह को शिकायत देकर कहा कि उक्तजनों ने एसपी के पुराने आवास के सामने कृष्णानगर में स्थित एक बिल्डिंग बेचने के नाम पर उससे 1,32,50,000 रुपए हड़प लिए और बिल्डिंग भी उसके नाम नहीं कराई।
उसने शिकायत में कहा कि गुलशन सिंगला ने अगस्त 2007 में उसके पास आकर कहा था कि बिल्डिंग का आधा हिस्सा पंजाब नेशनल बैंक डाबड़ा चौक के पास गिरवी रखा है और उसे कर्ज उतारने की जरूरत है। आप 1,32,50,000 रुपए में ग्राउंड फ्लोर का आधा हिस्सा खरीद लो ताकि बैंक का कर्ज उतर सके।
वह जब चाहें इकरारनामा लिखवा लें और बैंक का कर्ज उतारकर उनके हक में बयनामा भी रजिस्टर्ड करा देंगे। उसने 20 अगस्त 2007 गवाहों की मौजूदगी में उक्तजनों को 1,32,50,000 रुपए दिए और रजिस्टर्ड कराने की मियाद 20 नवंबर मुकर्रर की तथा उन्होंने यकीन दिलाया कि वे बैंक में पैसे जमा कराकर रजिस्ट्री करवा देंगे।
उन्होंने उसको जायदाद का कब्जा व इकरारनामा संभलवा दिया। वे 20 नवंबर को रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री कराने न आए, वह शाम तक उनका इंतजार करता रहा व अपनी हाजरी दर्ज की। यही नहीं उन्होंने बैंक में रकम भी जमा नहीं कराई। वह अगले दिन पंचायत के माध्यम से गुलशन सिंगला व उसके बेटे विवेक से घर में मिला। तब उन्होंने जवाब देकर कहा कि वे रजिस्ट्री नहीं कराएंगे, क्योंकि जायदाद के रेट बढ़ गए हैं। उन्होंने और प्रभावी व्यक्तियों से भी जायदाद के सौदे की बात चला रखी है।
शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा कि उसके बाद उसने उक्तजनों को अपने वकील के माध्यम से नोटिस भिजवाया और रजिस्ट्री की तिथि 7 मार्च 2008 तय की। लेकिन वे उस तिथि पर भी रजिस्ट्रार कार्यालय में न पहुंचे, जबकि उसने तब भी अपनी हाजरी दर्ज करा दी थी।
इसके बाद उक्तजनों ने पीएनबी अधिकारियों से साज-बाज होकर बैंक के माध्यम से बिल्डिंग का कब्जा लेने का नोटिस जारी करा दिया, ताकि बिल्डिंग से उसका कब्जा छूट जाए। उसने शिकायत में कहा कि इन सब बातों से सिद्ध होता है कि गुलशन,विवेक व अन्य की नीयत पहले दिन से ही खराब थी और झूठे वायदे कर उससे 1,32,50,000 रुपए हड़प लिए और न जायदाद बैंक से मुक्त कराई।
उन्होंने उसको आर्थिक व मानसिक तौर पर नुकसान पहुंचाया है, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में उक्तजनों के खिलाफ भादंसं की धारा 420 व 406 के तहत केस दर्ज किया है।