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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. अच्छी पढ़ाई के लिए बहुत सी किताबें पढ़ना तो जरूरी हमेशा से रहा है, लेकिन समय के साथ सुविधाएं बढ़ी हैं। इन दिनों बच्चे रेफरेंस के तौर पर इंटरनेट की मदद ले रहे हैं। इसमें देश-विदेश के लेखकों की किताबें या जानकारियां सहजसुलभ होने के कारण युवा पीढ़ी इसी पर ज्यादा जोर दे रही है।
परेशानी हुई कम
अधिकतर बच्चों को बार-बार लाइब्रेरी से किताबें इश्यू करवाने में दिक्कतें होती हैं। कभी बुक मिलना, कभी कई दिनों के लिए किसी और के पास चली जाना यानी समय पर काम न आना।
इंटरनेट पर जानकारी मिलने से बहुत से लोगों को इससे अच्छी राहत मिली है। एनआईटी में इलेक्ट्रानिक्स के छात्र रोनित सिन्हा कहते हैं कि नेट पर जानकारी के लिए वक्त की कोई सीमा तय नहीं, यह बात हमारे लिए फायदेमंद है। कभी भी कोई भी इंफार्मेशन आसानी से मिल जाती है। इसके लिए लाइब्रेरी में बुक्स आने का इंतजार करने की भी जरूरत नहीं।
ट्रेडिशनल तरीका ही
बदलावों के बीच कई बच्चे ऐसे भी हैं, जो स्टडी मटेरियल के लिए पारंपरिक तरीके ही पसंद कर रहे हैं। ये सभी अच्छे कोर्स भी कर रहे हैं, लेकिन रेफरेंस के लिए किताबें ही पसंद हैं। डिग्री गल्र्स कालेज से बीएससी कर रही नीता टहनगुरिया के अनुसार पढ़ने के लिए वही तरीका ठीक है। वे कहती हैं कि कई बार जब चाहें तब किताबें नहीं मिल पातीं, लेकिन उन्हीं से पढ़ना जंचता है। नेट पर जाने पर कई बार सिस्टम न मिलना या हैंग हो जाना मूड खराब कर देता है।