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Shekhawati Shekhawati चूरू.
बारिश का मौसम, जिला प्रशासन का जिले को हरा भरा बनाने का सपना, मुख्यमंत्री संबल महाअभियान के तहत स्कूलों में पौधे लगाने का लक्ष्य और स्वयंसेवी संगठनों व व्यक्तिगत रूप से पौधे लगाने के दृष्टिगत मांग को देखते हुए इस बार वन विभाग के पास पौधों की संख्या बहुत कम है।
इस वर्ष विभाग को मात्र पांच हजार पौधों का बजट मिला, जो हरियाली बढ़ाने के अभियान को देखते हुए बहुत कम है। हालांकि विभाग के पास पिछले वर्ष के बचे हुए 45 हजार पौधे भी हैं, लेकिन मात्र 50 हजार पौधों के बल पर जिले में हरियाली का सपना पूरा होता दिखाई नहीं देता।
विभाग की ओर से पिछले वर्ष दो लाख 73 हजार पौधों का वितरण किया गया था। जिसमें 22 हजार 254 पौधों का वितरण स्कूलों में हुआ था। पिछले वर्ष की मांग के दृष्टिगत 50 हजार पौधों की उपलब्धता ऊंट के मुहं में जीरे के समान है। मांग अधिक व पौधों की कम संख्या से विभाग भी चिंतित है। विभाग की माने तो मरुप्रसार रोक योजना के तहत बजट मिलना बंद होने के कारण ये हालात हो रहे हैं।
विभाग के पास पिछले वर्ष के जो 45 हजार पौधे है, वे इसी योजना के तहत आए बजट के हैं। नए पौधे तैयार करने सहित अन्य कार्य इसी बजट से होते थे, जो अब नहीं हो पाएंगे। बहरहाल विभाग में उपलब्ध पौधों की संख्या के चलते न केवल मुख्यमंत्री संबल महाअभियान के तहत होने वाले पौधरोपण अभियान की सफलता असंभव सी प्रतीत हो रही है, वहीं स्वयंसेवी संगठनों व आम आदमी को भी बाहर से पौधों की खरीद करनी पड़ेगी।
लक्ष्य पांच हजार पौधों का ही था। मरुप्रसार रोक योजना में बजट नहीं मिलने से और पौधे तैयार होने की संभावना नहीं है। अन्य किसी बजट से पैसा आता भी है, तो जनवरी में पौधों को तैयार कर, आगामी जुलाई में वितरण होगा।
- मनफूलसिंह, एसीएफ, वन विभाग, चूरू
पिछले वर्ष 400 स्कूलों में बांटे थे पौधे
विभाग की ओर से पिछले वर्ष जिले की 400 स्कूलों को पौधे वितरित किए गए थे। विभाग के अनुसार राजगढ़ के 63, तारानगर के 52, सरदारशहर के 28, रतनगढ़ के 75, चूरू के 89 व सुजानगढ़ के 93 स्कूलों में पौधों का वितरण किया गया।
पौधों लेने वालों का आना शुरू : बारिश शुरू होने के साथ ही जिले की नर्सरियों में पौधें लेने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है। हालांकि अभी शुरुआत ही हुई है, लेकिन जैसे जैसे डिमांड बढ़ेगी, वैसे वैसे पौधों के कम पड़ने की संभावना है।
जिले में सात नर्सरी
वन विभाग की ओर से जिले में सात नर्सरी संचालित है। चूरू, तारानगर, राजगढ़, रतनगढ़, राजलदेसर, सांडवा (सुजानगढ़) व बंधनाऊ (सरदारशहर) में नर्सरी स्थापित है।
वितरण के नियम
वन विभाग की नर्सरी से निशुल्क पौधों के वितरण के भी नियम है। जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से मुख्यमंत्री संबल महाअभियान के तहत स्कूलों व वन महोत्सव आदि कार्यक्रमों के लिए पौधें निशुल्क दिए जाते हैं। स्वयंसेवी संगठनों व व्यक्तिगत रूप से पौधें लेने वालों को 2.50 रुपए देने पड़ते हैं। हालांकि विभाग की ओर से पौधों की ली जाने वाली कीमत लागत से काफी कम है।