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International International न्यूयार्कबुश प्रशासन इस वर्ष सितंबर में इराक से अतिरिक्त फौज को वापस बुलाने पर विचार कर रहा है। मीडिया ने अमेरिकी प्रशासन और सैन्य अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है।
न्यूयार्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि हालांकि इस बारे में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन इराक में तैनात १५ लड़ाकू ब्रिगेड में से कम से कम एक और इसके जैसे तीन ब्रिगेड की वापसी हो सकती है अथवा इनकी वापसी के लिए कार्यक्रम तैयार किया जा सकता है। अखबार के मुताबिक ह्वाइट हाउस ने सेना की वापसी पर बातचीत करने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रवक्ता गार्डन जॉनड्रो ने बताया कि राष्ट्रपति अधिक से अधिक सेना के जवानों की वापसी चाहते हैं और वह इस बारे में इराक में अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल डेविड पेट्रॉस की सितंबर में मंजूरी का इंतजार करेंगे।
श्री जॉनड्रो ने कहा कि फिलहाल हम अमेरिकी सेना की उपस्थिति के बारे में इराक सरकार के साथ बातचीत करेंगे। अफगानिस्तान में अमेरिकी और गठबंधन सेना पर हुए आतंकवादी हमलों की वजह से लिए यह फैसला किया जा रहा है। हालांकि इराक के मुकाबले अफगानिस्तान में अधिक फौजें तैनात किए जाने पर एकमत दिख रहे अधिकारियों में से एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि यदि इराक में लोकतांत्रिक और स्थायी सरकार की उम्मीदों को कोई खतरा होता है, तो राष्ट्रपति जार्ज बुश सेना की वापसी पर रोक भी लगा सकते हैं।
बगदाद में तैनात एक सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि सैनिकों की संख्या के बारे में किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है और यह पूरी तरह जमीनी हालात पर निर्भर करेगा। हालांकि फिलहाल की स्थिति दिसंबर या अप्रैल अथवा दो महीने पहले जैसी स्थिति से बेहतर है। सितंबर में अमरीकी सेंट्रल कमांड के मुखिया का पद संभालने की वजह से इराक से लौट रहे जनरल पेट्रॉस भी अफगानिस्तान के हालात पर नजर रखे हैं और उन्होंने सुरक्षा एवं जवानों की संख्या के बारे में समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों ने अपना नाम छुपाए जाने की शर्त पर बताया कि श्री पेट्रॉस जवानों की संख्या में कम कटौती की सिफारिश कर सकते हैं।
अखबार के मुताबिक नौ जुलाई को इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या एक लाख ४६ हजार थी। अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन जॉन मैक्केन और डेमोक्रेट बराक ओमाबा के अभियान में इराक मुख्य मुद्दा रहेगा। श्री मैक्केन बुश प्रशासन की मौजूदा रणनीति के समर्थन में हैं वहीं श्री ओबामा ने सेना की वापसी के लिए कार्यक्रम तय किए जाने को कहा है। अखबार के अनुसार अनुसार इराक में लड़ाकू ब्रिगेड की संख्या में क टौती के बाद इन जवानों को अफगानिस्तान भेजा जा सकता है वहीं अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त जवान अगले वर्ष तक वहां जा सकेंगे।