मुंबई.अमेरिका स्थित यूनाइटेड स्टेट्स फूड व ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) ने दवा निर्माता कंपनी रैनबैक्सी के खिलाफ खराब क्वालिटी की दवा सप्लाई करने का मामला दर्ज किया है। यूएसएफडीए ने मैरीलैंड की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दायर कर मामले में जांच के लिए रैनबैक्सी से दस्तावेजों की मांग भी ही है।
उधर रैनबैक्सी के प्रवक्ता ने सभी आरोपों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कंपनी इस बारे में सोमवार को जवाब दाखिल करेगी। प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला ताजा नहीं है। इसकी जांच करीब तीन साल से चल रही है और अभी तक कोई अभियोग पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
रैनबैक्सी भारत में दवा बनाने की सबसे बड़ी कंपनी है। उसने जापान की दायची सैंक्यो द्वारा अधिग्रहण का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। दायची इस कंपनी में 34.8 फीसदी हिस्सेदारी खरीद रही है। इसके साथ ही 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर जारी किया जा रहा है।
रैनबैक्सी ने सिप्ला को पीछे छोड़ा : रैनबैक्सी लैब ने चालू कैलेंडर वर्ष में देश के 36 हजार करोड़ रुपए के दवा बाजार में सिप्ला को पीछे छोड़ दिया है। ओआरजी-आईएमएस के बिक्री आंकड़ों के अनुसार रैनबैक्सी ने 5.43 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली है। सिप्ला की बाजार हिस्सेदारी अप्रैल में 5.04 फीसदी थी। मई में रैनबैक्सी की बाजार हिस्सेदारी 5.22