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कमिश्नर के आदेश के बावजूद कब्जे

चंडीगढ़. बारिश के दिनों में आप दुकानों में लटके हुए जिस चिकन को खरीद रहे हैं, वह बीमार मुर्गे या मुर्गी का हो सकता है। दरअसल, शहर की दुकानों पर बिकने वाला चिकन बिना डॉक्टरी निरीक्षण के होता है।

इस समय शहर के ज्यादातर सेक्टरों में छोटे-छोटे अनगिनत बर्ड स्लॉटर हाउस से लोगों तक अच्छी क्वालिटी का चिकन नहीं पहुंच रहा है। उनकी घटिया क्वालिटी का पता होते हुए भी निगम अधिकारी चाहकर भी चेक नहीं कर पा रहे हैं। इसका फायदा चिकन बेचने वाले उठा रहे हैं।

इसे रोकने के लिए निगम ने कई साल पहले बर्ड स्लॉटर हाउस स्थापित करने का प्रोजेक्ट बनाया था। मेयर प्रदीप छाबड़ा ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन से तीन महीने पहले जमीन अलॉट करवाई थी। उस जमीन पर बनी झुग्गियों के बारे भी ऑर्किटैक्ट डिपार्टमेंट ने फाइनांस सेक्रेटरी को सूचित कर दिया था।

कमिश्नर का दौरा बेअसर
नगर निगम कमिश्नर डॉक्टर रोशन संकारिया ने निगम जॉइंन करते ही बर्ड स्लॉटर हाउस का दौरा करके जल्द ही अतिक्रमण हटाने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। डेढ़ माह बाद निगम कमिश्नर अतिक्रमण नहीं हटवा सके। निगम कमिश्नर का कहना है कि जल्द ही वहां बनी झुग्गियां हटाकर प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाया जाएगा।

बर्ड स्लॉटर हाउस की जमीन पर जो झुग्गियां बनी हैं उनमें से बॉयोमेट्रिक सर्वे वालों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। जितनी जल्दी प्रोजेक्ट शुरू होगा, उतना ही शहरवासियों को इसका फायदा होगा और अच्छी क्वालिटी का चिकन मिलने लगेगा।
-प्रदीप छाबड़ा, मेयर नगर निगम





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