इंदौर. इंदौर-दाहोद रेल लाइन को लेकर दो केंद्रीय राज्य मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और वहां से रेलवे बोर्ड पर बनाए दबाव का असर दिखने लगा है। इसके चलते 272.72 करोड़ का पार्ट एस्टीमेट बनाया है जिसे स्वीकृत कर काम शुरू करने की तैयारी है। शुरुआत में इंदौर से सागौर (35 किलोमीटर) और दाहोद से कटवारा (15 किलोमीटर) लाइन डलेगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पीएमओ द्वारा रेलवे बोर्ड से लगातार परियोजना क्रियान्वयन की जानकारी मांगी जा रही है। इसके चलते बोर्ड के कहने पर रतलाम मंडल ने पश्चिम रेलवे मुख्याल, मुंबई को पार्ट एस्टीमेट भेजा। वहां से बोर्ड जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक बोर्ड से लगभग 15 दिन में स्वीकृति हो जाएगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चार महीने में काम शुरू कर दिया जाएगा। इस हिस्से में लाइन बिछाने और पुल-पुलियाएं बनाने में 272.72 करोड़ रुपए लगेंगे।
खान और दूधी नदी परे बड़े पुल
इस लाइन के लिए खान और दूधी नदी पर दो बड़े पुल बनेंगे। इसके लिए कुछ मशीनें पहुंच गई हैं। जल्द ही फाउंडेशन का काम शुरू हो जाएगा।
भूरिया और राठवा का दबाव
जानकारों के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह द्वारा इंदौर-दाहोद रेल लाइन के शिलान्यास के बाद काम की हलचल नहीं दिखी, तो केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कांतिलाल भूरिया और रेल राज्यमंत्री नारायणभाई जे. राठवा ने पीएमओ को शिकायत की।
वहां से रेलवे बोर्ड को कड़े शब्दों में कहा गया काम जल्द से जल्द शुरू करें। मंत्रियों का कहना है प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास के महीनों बाद भी काम शुरू न होना गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसका असर विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर भी पड़ेगा।