इंदौर.
स्थान-पश्चिम रिंग रोड स्थित अक्षत गार्डन, समय-11 बजे, अवसर था दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित रूबरू कार्यक्रम का, जिसका मकसद था, सालों से परेशान वार्ड के रहवासियों से जनप्रतिनिधियों को रूबरू करवाकर उनकी समस्याओं के समाधान का।
हर मंच पर समस्याएं बताकर निराश हो चुके लोगों ने शासन-प्रशासन के नुमाइंदों और जनप्रतिनिधियों से एक ही सवाल किया, आखिर हम किस पर विश्वास करें। महापौर, कलेक्टर और क्षेत्र के पार्षद ने जब अपना पक्ष रखा तो लोगों को परेशानियों से निकलने की एक राह नजर आई।
मंच पर थीं शहर की महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव, एसपी आर.के. चौधरी और विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री एस.के. गुजराती, तो सामने थी वार्ड 52 की जनता। समस्या और समाधान का यह सिलसिला ढाई घंटे तक चला। इस बीच कभी जनता के तीखे सवाल गूंजे तो कभी जनप्रतिनिधियों की विनम्र अपील और घोषणाएं।
काफी संख्या में नागरिक यहां पहुंचे थे, जिसमें महिला, पुरुष, युवा और वृद्ध भी शामिल थे। किसी के पास शिकायतों से भरी फाइल तो किसी के हाथ में घर में पीने के पानी में आ रहे ड्रेनेज के पानी की बोतल। किसी ने मौके पर चलकर एक बार स्थिति देखने को कहा तो किसी का यह सवाल भी था इतने साल से परेशानी झेलते हुए पार्षद, जोन और निगम के चक्कर काट रहे हैं।
हर बार आश्वासन मिलता है पर समाधान नहीं होता। ढाई घंटे चले इस आयोजन में भास्कर को साधुवाद मिला तो जनता को काफी हद तक समाधान। इस बीच आश्वासन की झप्पी भी जनप्रतिनिधियों ने दी तो यह भी कहा कि हम खुद भी चाहते हैं कि आप परेशान न हो।
कार्यक्रम जैसे ही शुरू हुआ स्कीम-71 के शांतिलाल कोठारी ने समस्याएं बताना शुरू की और आक्रोश में यहां तक कह गए कि आप तो इस क्षेत्र को ग्राम पंचायत घोषित करवा दें, ताकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कम से कम सड़क तो बन जाए। इस पर महापौर बोलीं आप सब्र रखें, जो काम करना है वह निगम ही करेगा। केंद्र सरकार करने नहीं आएगी। इस मौके पर पूर्व जोन अध्यक्ष राजेश आजाद भी मौजूद थे।
मौके हुआ पर समाधान
>> स्कीम- 71 के अपूर्व भारद्वाज ने कहा पानी की टंकी से लगा उद्यान विकसित किया जाए तो पार्षद ने कहा रहवासी संघ संभालने की जिम्मेदारी ले लें तो 15 दिन में काम शुरू करवा दूंगा। इस पर रहवासी संघ ने भी तत्काल स्वीकृति पत्र दे दिया।
>> अनिल कौचाले ने चंदननगर थाने से लगे क्षेत्र में अवैध बस्तियों की शिकायत की कि आए दिन वहां चेन खींचनें की घटनाएं होती है। एसडीएम को भी कार्रवाई के लिए कह चुके हैं पर निदान नहीं हुआ। इस पर कलेक्टर ने कहा एक कॉपी मुझे दीजिए और एसडीएम को अब शिकायत कीजिए समाधान हो जाएगा।
>> स्कीम-71 में ड्रेनेज मिले पानी की भरी बोतल बताने पर महापौर ने भी माना कि यहां यह समस्या है। नर्मदा तृतीय चरण के लिए जो लाइन डाली जा रही है उसमें सबसे पहले इसे ही प्रमुखता से हल करवाया जाएगा। ऐसा ही समाधान अन्य रहवासियों को भी मिला।
..तो हर समस्या का समाधान होगा
मुझे पता है इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्याएं हैं। इसलिए मैं स्वयं इस क्षेत्र में आई। आईडीए और नगर निगम दोनों के द्वारा आज ही अलग-अलग दो सड़कों का उद्घाटन किया जा रहा है। गार्डन और शासकीय कार्यालयों पर जनता से कम राशि ली जाएगी पर सड़कें किसी भी हाल में बनेंगी। अहीरखेड़ी में स्लम हाउस बनने के बाद इस क्षेत्र की समस्याएं और कम होंगी। आप लोग साथ देंगे तो हर समस्या का समाधान होगा।
- डॉ. उमाशशि शर्मा, महापौर(समस्याएं सुनने के बाद कहा)
रहवासी साथ दें तो मैं भी खड़ा हूं
ड्रेनेज की समस्या का समाधान तत्काल में नहीं हो सकता। मैं आप लोगों के साथ कई बार आंदोलन कर चुका हूं। कलेक्टर से मैं यहीं आप लोगों का प्रतिनिधि होने के नाते कहना चाहूंगा कि किसी भी स्थिति में इस क्षेत्र की बस्तियों और अवैध कॉलानियों का उद्धार करें। बगीचों को मैं कचराघर नहीं बनाना चाहता। रहवासी संघ लिखकर देंगे तो काम शुरू करवा दूंगा।
- लोकेंद्रसिंह राठौर, पार्षद (समस्याएं सुनने के बाद कहा)
स्थायी समाधान की पहल करेंगे
शहर हाल ही में कठीन दौर से गुजरा है। इस क्षेत्र ने हमेशा की तरह सांप्रदायिक सद्भाव का परिचय दिया है। विकास के साथ समस्याएं भी आती हैं। अकेले नगर निगम के बस में समाधान नहीं है। भास्कर ने आपको और हमे रूबरू होने का मौका दिया है। यह शिविर सिर्फ समस्या सुनने तक ही नहीं रहेगा। पहल करेंगे कि समस्याओं का स्थायी समाधान हो। निश्चित समय बाद इन्हें फॉलो भी करना होगा।
- राकेश श्रीवास्तव, कलेक्टर (समस्याएं सुनने के बाद कहा)
मुख्य समस्याएं
>> सड़क नहीं है।
>> ड्रेनेज का पानी आता है।
>> कचरा नहीं उठता, मैरेज गार्डन से गंदगी होती है।
>> नल है, पानी नहीं। हर सप्ताह 200 रुपए का टेंकर मंगाना पड़ता है।
>> ड्रेनेज चेंबर पर ही अतिक्रमण। तालाब किनारें भी अतिक्रमण।
>> ग्वाला कॉलोनी के पशु क्षेत्र में घूमते हैं।
>> 5 साल में भी चौराहा पूरा नही हुआ।
>> गलियों में अंधेरा रहता है।
जान पर खतरा लेकर चलते हैं
ऋषि पैलेस कॉलोनी में जाने वाली सड़क नहीं है। घुटने-घुटने तक पानी भरा रहता है। कीचड़ में से निकलना हमारी व्यथा है। इतना पानी भरा रहता है कि बच्चे तो डूब ही जाएं।
उत्तमकुमार ठेकेदार, ऋषि पैलेस कॉलोनी
न कचरा पेटी, न सफाईकर्मी
आईडीए की बसाई हुई कालोनी है पर सड़क ही नहीं इसलिए घुटने तक पानी में आना-जाना पड़ता है। कॉलोनी में न तो कचरा पेटी है और न ही सफाई कर्मी कभी आते हैं। पार्षद ने आज तक हमारे लिए कुछ नहीं किया।
अकबर खान, 71-डी
नल है जिसका पानी कभी-कभी टपकता है
नल आने का समय अनिश्चित है कभी दोपहर में 2 बजे, कभी 4 बजे तो कभी रात को 9 बजे पानी आता है। बुजुर्ग और नौकरीपेशा लोगों को इससे काफी तकलीफ है। कौन हमारी कब सुनेगा पता नहीं?
विपिन अजमेरा,गुमाश्तानगर
रोजाना चेन खींचने की घटना
जान पर खेलकर हम अपनी गली से गुजरते हैं और पुलिस प्रशासन भी इस क्षेत्र में जागरूक नहीं है। ऐसा एक दिन नहीं जाता जब यहां चेन खींचने की घटना नहीं घटी हो।
अनिल कौचाले, 71- डी
उषा ट्रस्ट की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनिया काटकर लोगों को ठगा गया। लोग ठगे भी गए और अब उन्हें हटाए जाने का भय है। रहवासी चाहते है जिला प्रशासन इन कॉलोनियों के लिए वैधानिक कार्रवाई कर लोगों को रजिस्ट्री करें। इससे सरकार को आय भी होगी और जनता को भय से मुक्ति।
श्रद्धानंद मिश्र, प्रजापतिनगर