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हाईकोर्ट में रह जाएंगे सिर्फ छह

बिलासपुर. हाईकोर्ट में इस महीने एक और जज कम हो जाएंगे। जस्टिस एलसी भादू 24 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सहित छह जज ही रहेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि जस्टिस भादू की जगह अब तक किसी जज की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके साथ ही जजों के स्वीकृत पद के अनुसार यहां पर छह जज कम हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट शुरुआत के बाद से ही जजों की कमी से जूझ रहा है। हाईकोर्ट की यहां स्थापना हुए लगभग साढ़े सात साल हो चुके हैं। स्थापना के बाद से ही यहां जजों की हमेशा कमी रही है। शुरुआत में यहां जजों के स्वीकृत पद छह थे, उस दौरान भी जजों की संख्या कम थी। इसके बाद मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर स्ट्रेंथ बढ़ाकर आठ कर दी गई। इस बीच बार और बेंच के माध्यम से नियुक्ति भी हुई, लेकिन इसी बीच जजों के रिटायर या तबादला होने के कारण एक बार फिर वही स्थिति हो गई।

लगभग डेढ़ साल पहले तत्कालीन चीफ जस्टिस एएसवी मूर्ति की पहल पर जजों के कुल पद 12 कर दिए गए हैं, लेकिन पूरे पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। उल्टे यहां रिटायर हुए दो जजों जस्टिस फखरुद्दीन और जस्टिस वीके श्रीवास्तव की जगह अब तक खाली है। इससे चीफ जस्टिस सहित यहां सात जज ही मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। उधर जस्टिस एलसी भादू भी इसी महीने रिटायर होने वाले हैं। 24 जुलाई को उनके रिटायरमेंट के बाद जजों की संख्या छह ही रह जाएगी यानी स्वीकृत पदों से आधी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि रिटायर होने वाले जजों की जगह नियुक्ति की अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं है। हाईकोर्ट के एक उच्चधिकारी ने स्वीकार किया कि जजों की नियुक्ति के संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं है और न ही दिल्ली या सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई ऐसे संकेत मिले हैं। गौरतलब है कि यहां पर जजों की कमी के कारण मामलों की सुनवाई और निपटारे में हमेशा समस्या आती रही है। यहां पर लगभग 70 हजार मामले सुनवाई के लिए लंबित हैं।

वर्तमान में कार्यरत जजों के बीच रिट पिटीशन, अपील, क्रिमिनल, सिविल, जनहित याचिकाएं, सर्विस, टैक्स आदि मामलों को सुना जा रहा है। हर महीने यहां पर लगभग पांच हजार मामले दायर किए जाते हैं। इनमें से पूरे मामलों का निपटारा न होने से यहां साल दर साल मामलों की संख्या बढ़ रही है। उस पर भी जजों की संख्या कम होने के कारण स्थिति और खराब हो रही है।

नए भवन के कोर्ट रूम रहेंगे सूने
बोदरी में हाईकोर्ट का नया भवन बनवाया जा रहा है। इसमें जजों की स्वीकृत संख्या के अनुसार 16 कोर्ट रूम बनवाए जा रहे हैं। मामलों की संख्या के अनुसार जजों की संख्या 18 करने की मांग उठ रही है। बताया जा रहा है कि यह मामला भी विचाराधीन है, लेकिन वर्तमान में जितने पद हैं, वही नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट नए भवन में स्थानांतरित होता है, तो सिर्फ छह कोर्ट रूम में ही कामकाज होगा, बाकी 10 कोर्ट रूम सूने रहेंगे।





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