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मनमानी भर्ती हुई सिम्स में

बिलासपुर. डीएमई डा.एसएल आदिले ने कहा कि सिम्स में आवश्यकता से ज्यादा स्टाफ है। इतना स्टाफ किसी भी मेडिकल कालेज में नहीं है, जिससे यह साबित होता है कि किसी ने अपने पद का दुरुपयोग कर मनमाने ढंग से कर्मचारियों की भर्ती की है। यही वजह है कि ८क् कर्मचारियों को निकालने का आदेश शासन स्तर पर जारी किया गया है।

सिम्स में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डा. आदिले ने कहा कि इस आदेश के बाद सिम्स में स्थिति न गड़बड़ाए, इसलिए जानकारी ली जा रही है कि कितने कर्मचारी काम के हैं, जिनकी आवश्यकता होगी, उन्हें संविदा पर रखा जाएगा। इसके बाद बाकी कर्मचारियों को यूनिवर्सिटी को वापस कर दिया जाएगा। पूर्व में लगातार यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा अपने कर्मचारियों की मांग की जाती रही है। एक सवाल के जवाब में डीएमई ने कहा कि सीधी भर्ती में इन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

एमसीआई द्वारा सिम्स में प्रवेश बंद करने के निर्णय पर डीएमई ने कहा कि हर साल आठ हजार बच्चे मेडिकल प्रवेश की परीक्षा पास करते हैं, लेकिन सबको प्रवेश तो नहीं दिया जा सकता। जितनी सीट है, उतने लोगों को प्रवेश देने के बाद हर साल लगभग ७ हजार से अधिक बच्चे मेडिकल की पढ़ाई से वंचित हो जाते हैं। वैसे इससे भी कोई खास नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई दिक्कत नहीं है, मान्यता मिल जाएगी। इसका क्या आधार है? पूछने पर डा. आदिले ने कहा कि शासन स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। अभी बहुत समय है, प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए ३क् सितंबर तक का समय है।

बताया जाता है कि अखबारों में इस आशय की खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य एवं नगरीय कल्याण मंत्री के आदेशानुसार डीएमई डा. आदिले दोपहर बाद सिम्स पहुंचे। उन्होंने पहले प्रभारी डीन डा.एसके मोहंती से चर्चा कर स्वीकृत व रिक्त पदों व इन 80 कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे शाम को जानकारी लेकर राजधानी रवाना हो गए।





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