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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. शिवपुरी के आधे इलाके को पानी सप्लाई करने वाला चांदपाठा डेढ़ दशक बाद ओवरफ्लो हो गया है। इस तालाब से पानी पार के ऊपर से बहकर जंगल में जा रहा है, जहां से यह सिंध नदी में मिल जाता है।
करीब 80 साल पूर्व तत्कालीन ग्वालियर रियासत के महाराजा माधौराव सिंधिया द्वारा तैयार कराए गए चांदपाठा तालाब की गहराई 32 फीट है। समुद्र तल से इस तालाब का लेवल 1100 फीट है।
सिंचाई विभाग का कहना है कि तालाब अधिकतम 1132 फीट तक भर सकता है। गुजरे 15 साल में यह तालाब कभी भी ओवरफ्लो नहीं हुआ, लेकिन इस बार बरसात की झड़ी लगने से तालाब ओवरफ्लो हो गया है और इसकी पार के ऊपर से पानी बह रहा है। तालाब के बेस्ट वियर से भी बड़ी मात्रा में पानी बाहर जा रहा है।
यह पानी पहले माधव नेशनल पार्क में जाता है और बाद में यह सिंध में मिल जाता है। यह पहला मौका है, जब चांदपाठा का वोट हाउस भी पूरी तरह से लबालब हो गया है और जहां से वोट चलती हैं, वह स्थान भी पूरी तरह से पानी में डूब गया है।
दो दिन से बढ़े इस जल स्तर को देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी और शहरवासी सैलिंग क्लब पहुंच रहे हैं। इधर बरसात की इस झड़ी से नगरीय निकाय एवं पार्षदों ने राहत की सांस ली है। चांदपाठा के भरने से अगले गर्मी के सीजन में शहरवासियों को पेयजल की परेशानी नहीं होगी, यह अनुमान लगाया जा रहा है।
पार्षदों का कहना है कि बरसात अधिक होने से शहर का भूजल स्तर भी बढ़ गया है और ऐसे ट्यूबवेलों में पानी आ गया है, जो गुजरे एक माह पूर्व तक सूखे पड़े थे। दूसरी ओर चांदपाठा और गूजरताल में भी पानी जमा हो गया है, इससे भू जल स्तर और बढ़ेगा।
गूजरताल का पानी मोटर लगाकर बाहर निकाला
शहर में भुजरिया सिराने के लिए मशहूर गूजरताल भी लबालब हो गया है। चूंकि इस तालाब में पानी अधिक भर जाने से संजय कालोनी एवं आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी जमा हो रहा है, इसलिए प्रभावित लोगों की शिकायत पर नगरपालिका गूजर ताल का पानी मोटर पंप लगाकर बाहर निकाल रही है। इधर इस कार्रवाई का कई लोग विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि कई सालों बाद यह मौका आया है, जब गूजरताल भरा है और अब उससे पानी बाहर निकाला जा रहा है, जो शहर के लिए ठीक नहीं है।