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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. यात्री किराया बढ़ाने को हरी झंडी सरकार से मिली नहीं कि कई बस आपरेटर्स ने यात्री किराए में मर्जी से बढ़ोत्तरी कर दी है। यहां तक कि यात्रियों से 20 फीसदी अधिक किराया वसूला जाने लगा है।
बीते दिनों निजी और सड़क परिवहन निगम से अनुबंधित बसों में यात्री किराया बढ़ाने, त्रिस्तरीय कर प्रणाली को समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बस आपरेटरों ने अनिश्चतकालीन हड़ताल की थी। इस हड़ताल के तीसरे दिन ही बस ऑपरेटर्स और प्रदेश सरकार के बीच चर्चा हुई।
इस चर्चा में सरकार ने महज आश्वासन दिया था कि जल्दी ही यात्री किराए में बढ़ोत्तरी की जाएगी। साथ ही टैक्स में बस आपरेटर्स को राहत दी जाएगी, लेकिन अभी तक सरकार ने तो किराया बढ़ाया नहीं, पर कई बस आपरेटर्स ने 15-20 फीसदी तक किराए में बढ़ोत्तरी अपनी मर्जी से कर दी है।
इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। खास तौर पर इस बढ़े हुए किराए से शिवपुरी से ग्वालियर और गुना से शिवपुरी सफर करने वाले यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो किराया शिवपुरी से ग्वालियर तक 62 रुपए लिया जाता था, वह अब बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है।
हैरानी की बात तो यह है कि टिकट पर 75 रुपए की बजाय 62 रुपए ही लिखे जा रहे हैं और यात्रियों के विरोध करने पर उनसे कह दिया जाता है कि किराया बढ़ा दिया है। हर हाल में यही किराया वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार ने आश्वासन देते समय यह स्पष्ट नहीं किया था कि किराया कितना और कब से बढ़ाया जाएगा। बावजूद इसके बस मालिकों ने किराए में मर्जी से बढ़ोत्तरी कर शासन को ठेंगा दिया है। इससे आम जनता बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।