जोधपुर. वकीलों के लिए चौखा में प्रस्तावित रामराज नगर के नक्शे में तीसरी बार हुई छेड़छाड़ ने नगर विकास न्यास की कार्य शैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। इसी हफ्ते वरिष्ठ नगर नियोजक से सशर्त अनुमोदित करवाए गए इस नए नक्शे पर अमल हुआ तो पिछले नक्शे के आधार पर बनाई गई कच्ची सड़कें किसी काम की नहीं रह जाएंगी। इन कच्ची सड़कों के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया जा चुका है।
चौखा में न्यास के खाते में करीब साढ़े चार सौ बीघा से ज्यादा भूमि दर्ज है। इनमें से अतिक्रमण की जद में आई काफी भूमि न्यास खाली करवा चुका है, जबकि कुछ भूमि पर लोग अब भी काबिज हैं। न्यास ने यहां रामराज नगर तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी नगर प्रस्तावित कर रखा है, जिसे अमली जामा पहनाने की पिछले दो साल से मशक्कत की जा रही है।
इनमें से रामराज नगर को लेकर न्यास में चल रही खींचतान का ही नतीजा है कि इस योजना क्षेत्र का नक्शा बार-बार बदला जा रहा है। यहां राजकीय भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा-91 के प्रकरण भी चल रहे हैं, जिनमें अब नियमन की राह खुलने से भूमाफिया नियमन के लिए दबाव बनाए हुए है। हर बार नक्शा बदलने में किसी न किसी अतिक्रमी को फायदा पहुंचाने का खेल भी चल रहा है।
तीसरी बार क्यों बदला नक्शा
सबसे पहले न्यास ने रामराज नगर तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी नगर का संयुक्त नक्शा (ले-आउट) पास करवाया था। न्यास ने यह ले-आउट कई मौकों पर सार्वजनिक भी किया, मगर बाद में इस नक्शे को यह बताते हुए निरस्त कर दिया गया कि यह ले-आउट बनाते वक्त सही सर्वे नहीं किया गया था।
इस कारण मौके पर अतिक्रमण होने के बावजूद प्लॉट दर्शाए गए थे। बाद में न्यास ने नए सिरे से सर्वे करवाने की दलील देते हुए दोनों आवासीय कालोनियों का अलग-अलग नक्शा तैयार करवाया। इस नक्शे पर भी न्यास अध्यक्ष, तत्कालीन उप नगर नियोजक पीआर बेनिवाल, सचिव, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, तहसीलदार ने हस्ताक्षर कर दिए। यहां तक कि इस नक्शे के आधार पर मौके पर सड़कों का निर्माण भी शुरू हो गया। इस बीच, पिछले हफ्ते एक बार फिर इस नक्शे के साथ छेड़छाड़ शुरू हुई।
न्यास में उप नगर नियोजक का पद संभालने वाले अनिल माथुर ने इस नक्शे में आमूल-चूल पर्वितन कर दिए। इसी आधार पर वरिष्ठ नगर नियोजक ने भी सशर्त नक्शा अनुमोदित कर दिया। पिछले नक्शे से तुलना करने पर नए नक्शे में किए गए बदलाव से न्यास की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। पिछले नक्शे में एक बड़ी भूमि को यूआईटी लैंड बताया गया था, जबकि नए नक्शे में इस भूमि को प्राइवेट बता दिया गया है। यहां तक कि सड़कों की चौड़ाई व दिशाएं बदलने में निजी भूमि स्वामियों को फायदा पहुंचाया गया है।
ग्रीन बैल्ट से अब मुक्त होगी भूमि
रामराज नगर का खसरा नं- 70, 71, 624 तथा 72 में आने वाला कुछ हिस्सा मास्टर प्लान में परिधिय नियंत्रण पट्टी या ग्रीन बैल्ट में दर्ज है। पिछले दो साल से योजना के लिए कागजी कवायद की जा रही है, मगर किसी को यह नहीं सूझा कि इस भूमि को ग्रीन बैल्ट से मुक्त करवाने की कार्रवाई समय रहते कर ली जाए। अब नए नक्शे को भी वरिष्ठ नगर नियोजक ने ग्रीन बैल्ट का भू-उपयोग परिवर्तन करवाने की शर्त पर अनुमोदित किया है। न्यास ने भू-उपयोग परिवर्तन की विज्ञप्ति भी इसी हफ्ते जारी की है। जबकि सोमवार को इस योजना के कुछ भूखंडों की लॉटरी होने जा रही है।
उप नगर नियोजक अनिल माथुर से बातचीत
भास्कर: रामराज नगर का नक्शा फिर क्यों बदला गया?
माथुर: पहले के नक्शे में जिन जगहों पर प्लॉट प्रस्तावित किए गए थे, वहां अतिक्रमण थे। इसीलिए नए सिरे से नक्शा बनाकर अनुमोदित किया गया है।
भास्कर: यह तीसरा नक्शा है। इससे पहले के नक्शे के आधार पर बनी सड़कों का क्या होगा?
माथुर: कुछ सड़कों पर काम हुआ है, लेकिन जो कुछ किया गया है, वह वकीलों व न्यास के हित में किया गया है। मैं तो इस योजना को बड़ी उपलब्धि मानता हूं।
भास्कर: पूर्व में यूआईटी लैंड के रूप में दर्ज कुछ भूमि अब प्राइवेट कैसे हो गई?
माथुर: स्कीम के बाहर की भूमि के संबंध में यदि ऐसा लिखा गया है तो बड़ी बात नहीं है। स्वामित्व के आधार पर यदि जरूरी होगा तो संशोधन कर दिया जाएगा।
भास्कर: ग्रीन बैल्ट से मुक्त करवाए बिना लॉटरी कैसे निकाली जा रही है?
माथुर: नक्शे का सशर्त अनुमोदन किया गया है। वैसे हमने कार्रवाई शुरू कर दी है।
यूआईटी चेयरमैन राजेन्द्र गहलोत से बातचीत
भास्कर: रामराज नगर का नक्शा बार-बार बदलने का क्या राज है?
गहलोत: पहले अतिक्रमण थे। अब अतिक्रमण हटाए गए है, इसलिए नक्शा बदला गया।
भास्कर: खाली जमीन की प्लानिंग क्यों बदली, सड़कों का क्या होगा?
गहलोत: मेरी नजर में तो सड़कें एडजस्ट हो जाएंगी। आपकी नजर में हो सकता है कि एडजस्ट न हो पाएं।
भास्कर: यूआईटी लैंड को प्राइवेट कैसे बता दिया?
गहलोत: किसने किया यूआईटी लैंड को प्राइवेट? मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं।
आज निकलेगी लॉटरी
नक्शे में बार-बार फेरबदल के बीच नगर विकास न्यास रामराज नगर योजना के भूखंडों के आवंटन की लॉटरी सोमवार को दोपहर 12.30 बजे निकालेगा।