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आसान नहीं उड़ान की राह

कोटा. एयरपोर्ट अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में लिए निर्णयों की पालना में 12 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। एयरपोर्ट अधिकारियों को डर है कि जिस प्रगति से प्रक्रिया चल रही है, उसके चलते चुनाव से पहले विमान सेवा कैसे शुरू हो पाएगी।

कोटा से विमान सेवा शुरू करने के लिए लंबे समय से प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में 5 व 6 मई को इंडियन एयरलाइंस के अधिकारी कोटा में प्रशासनिक व वरिष्ठ नागरिकों से वार्ता कर चुके हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कोटा से विमान सेवा शुरू करने पर सहमति दे दी। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम में शामिल दिल्ली व जयपुर के अधिकारियों ने एक जुलाई को स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में शीघ्र ही विमान सेवा शुरू करने में आ रही सुरक्षा संबंधी बाधाओं को दूर करने का निर्णय लिया गया। इसमें द्वारका बावड़ी में बसे सौ लोगों को वैम्बे योजना के मकानों में स्थानांतरित करना भी शामिल था। बैठक के निर्णयों पर दूसरे दिन तो क्रियान्विति का उत्साह रहा, लेकिन इसके बाद इसमें कमी आ गई। न तो बस्ती वाले वहां से जा रहे हैं, न ही प्रशासन की ओर से अब उन्हें पुनर्वासित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस्ती को हटाने के लिए हर विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहा है।

एडीएम को पता नहीं क्या निर्णय हुआ
एडीएम मनोज नाग को तो यही पता नहीं है कि एक जुलाई को हुई बैठक में क्या निर्णय हुआ। उन्होंने बताया कि इस दिन वे कोटा में नहीं थे। वैसे बस्ती को हटाने की जिम्मेदारी नगर विकास न्यास व एयरपोर्ट की है। उनका काम तो कानून व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध कराना है। जब भी कोई विभाग इसकी मांग करेगा, उसे पूरा किया जाएगा।

सचिव के आने पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर अभय कुमार का मानना है कि पुनर्वास की प्रक्रिया चल रही है। न्यास सचिव पारिवारिक कार्य से अवकाश पर हैं, उनके आने के बाद ही इसमें कुछ प्रगति होगी। जो भी निर्णय हुए हैं, उनकी पालना की जाएगी। इसमें कोई रुकावट या दबाव नहीं है।

सितंबर के बाद नहीं हटेगी बस्ती
विधानसभा चुनावों के लिए 29 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद किसी भी बस्ती को नहीं हटाया जा सकता। ऐसा निर्णय चुनाव आयोग का होता है। न्यास के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यदि मतदाता सूची प्रकाशन से पूर्व बस्ती को हटा दिया जाता है तो ठीक नहीं तो फिर विधानसभा चुनावों के बाद ही यह कार्रवाई होगी। तब तक विमान सेवा भी शुरू नहीं हो सकती।

एयरपोर्ट पहुंची भैंसों को बंधक बनाया
अतिसंवेदशील माने जाने वाले हवाईअड्डा परिसर में शनिवार देररात एक साथ घुसी 56 भैंसों को हवाईअड्डा अधिकारियों ने बंधक बना लिया। रविवार को पशुपालकों से जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें छोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर प्रवेश वर्जित है, भैंसों व बछड़ों के प्रवेश करने पर नियमानुसार उन्हें बंधक बनाया गया।

हवाईअड्डा अधिकारी डीके गौरावत ने बताया कि शनिवार रात को 56 भैंसे व बछड़े हवाईअड्डा परिसर में घुस आए। इन सभी को बंधक बनाकर रख लिया गया। सुबह जब भंसों के मालिक आए तो उनसे जुर्माना लेकर बंधक भैंसों को रिहा गया गया। भैंसों के लिए प्रति भैंस दो सौ रुपए तथा बछड़ों के डेढ़ सौ रुपए के हिसाब से कुल दस हजार नौ सौ पचास रुपए का जुर्माना लिया गया। उन्होंने बताया कि पशु मालिकों को कई बार चेताया जा चुका है। लेकिन इस बार शनिवार को इन मवेशियों को बंधक बना लिया गया।

चार्टर विमान कोटा पहुंचा
एयरपोर्ट अधिकारी ने बताया कि ऐसे में इस प्रकार हवाईपट्टी पर मवेशी पहुंचना काफी खतरनाक साबित होता है। रविवार को ही यहां एक चार्टर विमान पहुंचा है। यदि ऐसे में मवेशी हवाईपट्टी पर आ जाते तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि बस्ती वालों को चेता दिया गया है। अब की बार पशु सीमा में आए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





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