कोटा. शहर से सटे धाकड़खेड़ी में एक मिनी बैंक के ताले टूटने की वारदात का खुलासा करते हुए उद्योगनगर पुलिस ने उसी बैंक के कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गबन करने की नीयत से उसी ने चोरी की कहानी रची थी।
धाकड़खेडी ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. मिनी बैंक के मैनेजर रामकिशन ने उद्योगनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बैंक के चैनल गेट के ताले टूटे पाए गए तथा भीतर रखे 78 हजार 309 रुपए गायब मिले हैं। कुछ देर बाद ही मैनेजर ने रुपए वापस मिलने की बात कही और रिपोर्ट वापस लेनी चाही।
सीआई दिनेश मीणा ने बताया कि रुपए बैंक मैनेजर के पास मिलने की बात पता चलते ही मामला झूठा लगने लगा। इस पर दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो कैशियर महावीर प्रसाद ने रुपए खुद ही निकालकर बैंक मैनेजर को देने तथा बाद में चोरी की कहानी बनाने की बात स्वीकार कर ली। इस पर जांच अधिकारी एसआई रामसिंह ने रविवार को बैंक मैनेजर से 78 हजार 309 रुपए बरामद कर कैशियर महावीर प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। बैंक मैनेजर की भूमिका की जांच की जा रही है।
क्या था मामला
बैंक मैनेजर रामकिशन ने कैशियर महावीर प्रसाद को गुरुवार शाम 78 हजार 309 रुपए दिए थे। कैशियर ने जिस दराज में रुपए रखे थे, वहां दूसरे दिन नोट नहीं मिले और चैनल गेट का ताला भी टूटा मिला था।
कैसे हुआ शक
बैंक मैनेजर ने पुलिस को रुपए मिलने तथा कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही। जांच के दौरान दोनों घबराए हुए थे और बैंक की जिस दराज व तिजोरी में रुपए रखे जाते हैं, उसके ताले सुरक्षित मिले। पुलिस कोई सबूत नहीं मिला।
कैसे खुली पोल
पुलिस ने कैशियर व मैनेजर से अलग-अलग पूछताछ की। दोनों के बयानों में विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने कैशियर महावीर प्रसाद से सख्ती की तो उसने कबूल कर लिया। रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब क्या होगा
पुलिस मैनेजर रामकिशन की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी रजिस्ट्रार को भेजी गई। अब दोनों के खिलाफ विभागीय जांच होगी।