जालंधर.
अमृतसर को विकास कार्य के लिए 165 करोड़ रुपए मिलने से मेयर राकेश राठौर अंदरखाते काफी दुखी है। मेयर बनते ही उनका शहर सुंदर बनाने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा। शहर को बेहतर सुविधाएं देने का वायदा करने वाले अकाली-भाजपा नेता कुर्सी मिलते ही विकास की बातें भूलकर रंजिश निकालने के लिए काम में तेजी ले आए।
नतीजा पिछले डेढ़ साल से लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय निकाय मंत्री का अपना शहर होने के बाद भी विकास नहीं हो पा रहा है। कैप्टन सरकार में निकाय मंत्री रहे चौधरी जगजीत सिंह ने तत्कालीन मेयर सुरिंदर महे को फंड देकर शहर के विकास में अहम भूमिका निभाई थी।
अब एक मंत्री,चार विधायक और मेयर वाले शहर का आर्थिक तंगी के कारण बुरा हाल है। हालत यह है कि सरकार नगर निगम को निजी प्रापर्टी बेचकर विकास कार्य शुरू करने की बातें कर रही है, जबकि फामरूला अमृतसर नगर निगम के लिए लागू नहीं है, क्योंकि वहां नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कर्मठ जनप्रतिनिधि हैं।
मंत्री चाहते तो मिल सकती थी ग्रांट: जानकार मानते हैं कि अगर निकाय मंत्री चाहते तो इसकी आधी धनराशि जालंधर के हिस्से आ सकती थी। अमृतसर के मेयर व विधायक समेत सांसद नवजोत सिंह सिद्धू लगातार विकास कायरे के लिए प्रयासरत हैं। मंत्री के शहर को फूटी कौड़ी न मिलने से भाजपा के कई नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं, बावजूद मंत्री जी आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
मंत्री व मेयर में ट्यूनिंग हो तो बने बात: निकाय मंत्री व मेयर की ट्यूनिंग ठीक न होने की वजह किसी से छिपी नहीं है। बीते 10 वषरे पर नजर दौड़ाए तो मेयर सुरेश सहगल और तत्कालीन निकाय मंत्री बलरामजी दास टंडन में अच्छे संबंध रहे। यही कुछ कैप्टन सरकार में देखने को मिला। तत्कालीन मेयर सुरिंदर महे व निकाय मंत्री चौधरी जगजीत सिंह के बीच ज्यादा पटती थी, जिससे शहर का विकास हुआ, जबकि पिछले डेढ़ साल से ऐसा नहीं है।
आर्थिक तंगी के चलते शहर का विकास ठप है। छोटे-मोटे काम तो चल रहे हैं, लेकिन ठोस काम नहीं हो पा रहे हैं। अमृतसर के विकास के लिए सरकार ने 165 करोड़ रुपए दे दिए, जब जालंधर की बारी आई तो सरकार भी पीछे हट गई। स्थानीय निकाय मंत्री से गुजारिश की गई कि शहर के विकास के लिए जल्द ही फंड जारी करवाएं।
-राकेश राठौर, मेयर
विकास के लिए जल्द ही फंड जारी किए जाएंगे। मेयर राठौर मेरे छोटे भाई जैसे हैं, आपस में कोई मतभेद नहीं है। अमृतसर की तरह जालंधर को भी पैकेज मिलेगा, जिससे शहर का अभूतपूर्व विकास करवाया जाएगा।
-मनोरंजन कालिया, स्थानीय निकाय मंत्री
मुख्यमंत्री ने दोहरा दी घोषणाएं
जालंधर. मेयर राकेश राठौर व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया के प्रस्ताव को एक बार फिर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मंजूरी दी है। तीसरी बार मंजूरी मिलने के बाद भी 120 फुटी रोड किनारे की सरकारी जमीन का कल्याण अभी बाकी है।
रविवार को जालंधर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्ती शेख स्थित 120 फुटी रोड किनारे सरकार की बेकार पड़ी 10 एकड़ जमीन का मुआयना किया करने के बाद कहा कि इस जमीन में से 7 एकड़ को बेचने का फैसला लिया गया है। शेष जमीन में रविदास भवन, आदर्श स्कूल व पार्क बनाए जाएंगे। इसके लिए सीटीपी से मैप बनाने के लिए कहा जा चुका है।
मेयर राठौर से निगम में प्रस्ताव पास करने को कहा गया है। सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया की प्रशंसा करते हुए बादल ने कहा कि 120 फुटी रोड किनारे जमीन को संवारने के लिए भाटिया कई साल से प्रयासरत हैं।
भाटिया जब भी उनसे मिलते हैं, 120 फुटी रोड के उद्धार की गुजारिश करते रहे। इस मौके पर मेयर राकेश राठौर, सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया, डिप्टी मेयर प्रवेश तांगड़ी उपस्थित थे। सीएम आ रहे हैं, चमका दो इलाका: मुख्यमंत्री के आने के मद्देनजर निगम पिछले एक सप्ताह से 120 फुटी रोड को चमकाने की कोशिश में जुटा रहा। बावजूद इसके गंदगी व गंदे पानी का जमाव बना रहा।