HomeNewsInternational International

प्रदूषण से बचाने की सराहनीय पहल

बीजिंग. चीन के एक बड़े स्टील उत्पादक ने ओलिंपिक के दौरान वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए अपने उत्पादन में कटौती की घोषणा की है। उत्पादक शाउगंग ने बीजिंग के गंदे आकाश को ओलिंपिक के दौरान साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए यह पहल की है।

गौरतलब है कि बीजिंग में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है और ओलिंपिक आयोजकों के लिए यह प्रदूषण चिंता का सबब बना हुआ है। आयोजकों का मानना है कि ओलिंपिक के दौरान ट्रैफिक और बीजिंग स्थित कारखानों पर रोक लगाने से बीजिंग के आकाश को फिर से नीला बनाने में मदद मिलेगी। आयोजक यह चाहते हैं कि ओलिंपिक में भाग लेने वाले एथलीटों को सांस लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।

शाउगंग कंपनी की इस घोषणा से आयोजकों को कुछ राहत मिली है। शहर को प्रदूषण से बचाने के लिए 1 जुलाई से उन गाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जोकि उत्सर्जन के मानक पर खरे नहीं उतरे। साथ ही 20 जुलाई से बीजिंग में ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम भी लागू किया जा रहा है।

हो सकती है निराशा : ओलिंपिक के साथ चीन से सस्ती चीजों की खरीददारी करने की सोच रहे दर्शकों को प्रशासन की पहल से निराशा हाथ लग सकती है। प्रशासन ने अवैध तरीके से फिल्मों और गीतों की पाइरेटेड कॉॅपी बेचने वालों पर रोक लगा दी है। पिछले चार सालों से पश्चिमी देशों की कंपनियां और राजनेता डीवीडी और सीडी की चीन में बड़े पैमाने पर चल रही पाइरेसी की शिकायत कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर वाशिंगटन विश्व व्यापार संगठन में अधिकारिक शिकायत भी दर्ज करा चुका है। कम से कम ओलिंपिक के बहाने ही सही अब चीन हॉलीवुड की हिट फिल्मों और गीतों की पाइरेटेड सीडी और डीवीडी के अवैध बिक्री पर सख्त रुख अपनाने जा रहा है।

कैथोलिक चर्च के दो लोग हिरासत में
एक विदेशी ग्रुप का कहना है कि चीन ने दो कैथोलिक पादरियों को पिछले एक माह से कैद कर रखा है और ओलिंपिक से पहले सरकार इस मामले को दबाए रखना चाहती है।

ग्रुप का कहना है कि हेबाई प्रांत के झांग जिआनलिन और झांग ली को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे 24 मई को होने वाले एक वार्षिक धार्मिक यात्रा में शामिल होने जा रहे थे।

कार्डिनल कंग फाउंडेशन ने कहा है कि जब से चीनी प्रशासन ने इन दोनों पादरियों को पकड़ा है, उस समय से दोनों पादरियों की कोई खबर नहीं है। फाउंडेशन ने चीन में धर्मों पर लगे प्रतिबंध की भी कड़ी आलोचना की है। हालांकि इन पादरियों के संबंध में पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने कुछ भी जानकारी देने से इंकार कर दिया है।

जबकि एक अधिकारी ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को उस समय तक हिरासत में नहीं लिया जाता जब तक कि वह कानून का उल्लंघन नहीं करता।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: