नई दिल्ली.वनडे टीम से लगातार नजरंदाज किए जा रहे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आगामी श्रीलंका दौरे में एक बार फिर खुद को साबित करना चाहेंगे कि अभी उनमें काफी दमखम है। सितंबर में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के 30 संभावितों में शामिल नहीं किए गए गांगुली ने कुछ दिन पहले कहा था कि अभी उनमें काफी क्रिकेट बाकी हैं और वे क्रिकेट के सभी संस्करणों में खेलना जारी रखेंगे। जाहिर है इस दावे को साबित करने के लिए गांगुली के पास श्रीलंका दौरा एक बेहतरीन मौका है। गांगुली पिछले डेढ़ वर्ष के अपने शानदार प्रदर्शन को यहां भी दोहराना चाहेंगे, ताकि वे अपने आलोचकों का मुंह बंद करा सकें।
श्रीलंका दौरे में होंगे तीन टेस्ट मैच : श्रीलंका दौरे में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। गांगुली हरहाल में यहां अपनी बल्लेबाजी का झंडा गाड़ना चाहेंगे। एशियन क्रिकेटर का पुरस्कार जीतने वाले गांगुली को अधिक उम्र और खराब फिल्डिंग का हवाला देकर भारत की वनडे टीम में जगह नहीं दी जा रही है।
2007 को खेला था आखिरी वनडे
गांगुली ने ग्वालियर में १५ नवंबर २क्क्७ को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। अधिक उम्र के सवाल पर उन्होंने कहा था कि वे पिछले एक वर्ष से अच्छा खेल रहे हैं। वे कहते हैं कि क्रिकेटर उम्र के साथ ज्यादा परिपक्व होते जाते हैं।
वनडे मे 11363 रन बना चुके हैं सौरव : अब तक ३११ वनडे खेल चुके गांगुली ने41.02के औसत से 11363रन बनाए हैं। उन्होंने वनडे में १क्क् विकेट भी चटकाएं हैं। जबकि १क्६ टेस्ट मैचों में उन्होंने 42.71के औसत से 6792 रन बनाए हैं।
सौरव के पक्ष में हैं कई दिग्गज : पूर्व कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ और मोहम्मद अजहरुद्दीन तथा पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी का मानना है कि गांगुली में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। सौरव पिछले आठ महीनों से वनडे टीम से बाहर हैं।