अमृतसर.अफगानिस्तान के सरपोसा जिले की कंधार जेल से 13 जून को फरार हुए लगभग 900 कैदियों में से अधिकतर कुख्यात आतंकी और हेरोइन के तस्कर हैं। इनके फरार होने के बाद सबसे अधिक खतरा भारत को है। ये तस्कर पंजाब के रास्ते नशीले पदार्थो की बड़ी खेप भारत में पहुंचाने की फिराक में हैं। यह खुलासा इंटरपोल की ताजा स्टेटस रिपोर्ट में हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, इंटरपोल ने कैदियों की फरारी के बाद सभी 186 सदस्य देशों में अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा फरार कैदियों के फोटो जारी करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इंटरपोल के अलर्ट के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और पंजाब से सटी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजीपी हिम्मत सिंह ने बताया कि सीमा पर पूरी चौकसी बरती जा रही है। नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
अफगान की हेरोइन से भारत त्रस्त :
संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में बेची जा रही 92 फीसदी हेरोइन अफगानिस्तान में पैदा होती है। इसमें से अधिकतर पाकिस्तान से होते हुए भारत के पंजाब पहुंचती है, जिसे बाद में यूरोपीय और खाड़ी देशों में पहुंचाया जाता है। 2007 में अफगानिस्तान में 6,610 मीट्रिक टन हेरोइन की पैदावार हुई थी, जो 2006 के मुकाबले 43 फीसदी अधिक है। भारत में इस साल अब तक 465 किलो हेरोइन पकड़ी जा चुकी है।