भोपालबेशक इस वर्ष मानसून समय पर आ गया हो, और कई इलाके अतिवृष्टि की मार झेल रहे हों मगर प्रदेश के मध्य के 10-12 ऐसे जिले हैं जहां किसान अभी भी मानसून की राह ताक रहे हैं। कुछ किसाने बोवनी के बाद आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं तो कुछ बोवनी करने के लिए रोजाना घुमड़ रहे बादलों को निहारते हैं। बारिश की कमी के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा हैं।
छिंदवाड़ा:
जिले में पिछले वर्ष हुई बारिश की तुलना में इस वर्ष अब तक आधी बारिश भी नहीं हो सकी है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। जिले में प्रतिवर्ष औसत बारिश 1146.3 मिमी दर्ज की जाती है। पिछले वर्ष अब तक 452.8 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी जबकि इस वर्ष अब तक औसत 183.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिले में कुल चार लाख हेक्टेयर में बोवनी होना है। अब तक 80 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। बीस प्रतिशत किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। सोयाबीन की बोवनी का लक्ष्य इस वर्ष एक लाख 20 हजार हेक्टेयर रखी गई है। किसानों ने इस साल सोयाबीन की फसल को महत्व दिया है,लेकिन बारिश नहीं होने से बीज नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया है।
होशंगाबाद:
यहां इस बार सीजन में कम बारिश हुई है। सोयाबीन की बोवनी एक लाख 95 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है। जबकि धान की रुपाई अभी आधी से अधिक शेष है। 22 हजार हेक्टेयर में से मात्र दस हजार हेक्टेयर में ही रुपाई हुई है। पिछले वर्ष अभी तक बारिश 536 मिमी बारिश हो चुकी थी,जबकि इस सत्र में मात्र 268 मिमी बारिश ही हुई है। जिले की औसत बारिश 1311.7 मिमी है। सहायक संचालक कृषि पीके वर्मा ने बताया कि कम बारिश से कुछ जगह सोयाबीन फसल में इल्ली लगी है। वहां दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अब तेज बारिश होना जरुरी है।
विदिशा:
जिले की औसत वर्षा 1133.8 मिमी है। जिसकी तुलना में अभी तक 523.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई हैं। जिले में किसानों ने प्रमुख रूप से सोयाबीन की बोवनी की है। खरीफ की बोवनी का लक्ष्य जिले में 2 लाख 19 हजार हैक्टेयर तय किया गया था। अभी भी 30 प्रतिशत रकबे में बोवनी होना शेष है।
सीहोर :
जिले की औसत बारिश 1261.2 मिमी है। सीहोर जिले में १5 जुलाई तक कुल २९१. ६ मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में ४२५ मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है, वहां पर इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है। इस साल जिले में खरीफ फसल की बोवनी का लक्ष्य 2 लाख 85 हजार हैक्टेयर क्षेत्र रखा गया था। इस पूरे रकबे में बोवनी लगभग पूरी हो चुकी है।