मुंबई.
ईधन की कीमतों में वृद्धि के चलते एयरलाइंस कंपनियों द्वारा कमीशन खत्म करने का देशभर के 20 लाख ट्रैवल एजेंटों ने गांधीगीरी की शैली में विरोध जताया है। एजेंटों ने एअरलाइंस कंपनियों को समोसे, वड़ापाव, इडली, जलेबियां भेजने का निर्णय लिया है। यही नहीं बदहजमी से बचने के लिए ‘पुदीन हरा’ भी भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि जून महीने में ईंधन की कीमतों में इजाफे का हवाला देकर एअर इंडिया, जेट एअरवेज और किंगफिशर ने उनका कमीशन 5 फीसदी से घटाकर खत्म कर दिया है। 31 अक्टूबर से लागू यह फैसला हजारों छोटे ट्रैवल एजेंटों को बेरोजगार कर देगा। यही नहीं बड़े एजेंटों को भी उनके परफॉमेंस के हिसाब से ही कमीशन दिया जाएगा। इस फैसले के बाद कंपनियों ने एजेंटों के प्रतिनिधियों से मिलने तक से इनकार कर दिया है।
ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएएफआई) के 60 ट्रैवल एजेंटों ने गांधीगीरी अभियान की शुरुआत मुंबई स्थित जेट एअरवेज के मुख्यालय को 11 समोसे (10 के साथ एक फ्री) भेजकर की है। मुंबई की एअरलाइंस कंपनियों को अगर खत के साथ समोसे भेजे गए हैं, तो बेंगलूर में इनकी जगह जलेबियों ने ली है। पुणो में जहां वड़ापाव भेजे गए, वहीं चेन्नई में इडलियों का बोलबाला रहा। एक एजेंट का कहना था कि अब एयरलाइंस कंपनियों की हालत खस्ता हो गई है ऐसे में हमसे जो कुछ बन पड़ेगा हम उनकी मदद करेंगे।
खत में लिखा : ‘एजेंट के रूप में हमारा धंधा चौपट होने जा रहा है। उम्मीद है कि समोसे के नए धंधे में आने वाले वर्षो में आप हमारे बड़े कस्टमर साबित होंगे। भविष्य में आपको हम बिना किसी छिपी कीमत या सरचार्ज के 10 समोसों पर एक समोसा फ्री देंगे। धन्यवाद और हमारी कल्पना की इस नई उड़ान पर आपके साथ रहने के इच्छुक।’