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कर्नल पर हैरेसमेंट का आरोप

चंडीगढ़.वेस्टर्न कमांड की आर्मी सप्लाई कोर की कैप्टन पूनम कौर ने बटालियन के कमांडिंग अफसर और सीनियर अधिकारियों पर मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कालका स्थित बटालियन में तैनात पूनम का आरोप है कि उन्हें सरकारी आवास में नजरबंद करके रखा गया है। मामले की जांच के लिए आला अफसरों की टीम कालका पहुंच चुकी है। उधर वेस्टर्न कमांड के प्रवक्ता आशीष गोयल ने पूनम के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

दो दिन से घर में बंद :

आर्मी सप्लाई कोर (एएसई) की कैप्टन पूनम कौर ने फोन के जरिये मीडिया को बताया कि बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ), कर्नल आर.के. शर्मा ने उन्हें जबरन सरकारी आवास पर नजरबंद कर रखा है। उसके साथ रहने वाली उसकी मां और भाई को भी घर में नहीं घुसने दिया जा रहा।

पूनम के अनुसार, उसने उत्पीड़न के बारे में वेस्टर्न कमांड को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था। इसके बावजूद कमांड मुख्यालय ने जवाबी लैटर में मिलने के कारण स्पष्ट करने को कहा गया। पूनम ने कर्नल शर्मा पर आरोप लगाया कि जब उसने उनकी शिकायत सीनियर अफसरों से करने की बात कही तो उसका ट्रांसफर पठानकोट कर दिया गया। वहां से उसे रसद लेकर कश्मीर जाने को कहा गया। इसका विरोध करने पर शर्मा ने उसके खिलाफ एक्शन लेने की धमकी दी।

मेजर जनरल से बात नहीं शिकायत की जांच करने के लिए चंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड में एएसई के मेजर जनरल नंद मोहे आला अफसरों की टीम के साथ मंगलवार सुबह ही कालका पहुंच गए थे। उन्होंने कैप्टन पूनम को मिलने के लिए ऑफिस में बुलाया लेकिन पूनम ने मिलने से इनकार कर दिया। पूनम ने शर्त रखी कि इस मुलाकात के दौरान उसके परिवार को वहां मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। नंद मोहे ने इस बारे में बटालियन के सीनियर अफसरों से मुलाकात की। इस टीम ने आरोपी कर्नल से भी पूछताछ की।

ड्यूटी से आनाकानी : पीआरओ

वेस्टर्न कमांड के प्रवक्ता आशीष गोयल का कहना है कि कर्नल शर्मा ने पूनम की ड्यूटी पठानकोट से जम्मू-कश्मीर भेजी जाने वाली रसद के साथ लगाई थी। पूनम ड्यूटी ज्वाइन करने से आनाकानी कर रही थी और उसने शर्मा पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। गोयल ने कहा कि कैप्टन पूनम को नजरबंद नहीं किया गया और वह कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र है।

कब क्या हुआ

>> कैप्टन पूनम कौर ने 18 अक्टूबर 2007 को एएससी बटालियन कालका में ज्वाइन किया।

>> दिसंबर 2007 में मैरिड अक्मोडेशन की मांग रखी।

>> शादीशुदा न होने के बावजूद पारिवारिक कारणों से अक्मोडेशन मिली।

>> 30 जून 2008 को पठानकोट ट्रांसफर।

>> एक महीने की एक्सटेंशन मांगी, जो मंजूर हो गई।

>> 11 जुलाई को पठानकोट में ज्वाइन नहीं किया। एक दिन की एक्सटेंशन मांगी।

>> 12 जुलाई को ट्रांसफर ऑर्डर मानने से इनकार।

>>13 जुलाई को एएससी के मेजर जनरल को मिलने के लिए पत्र लिखा।

>>14 जुलाई को मुख्यालय ने मिलने के कारण पूछे।

>> 15 जुलाई को पूनम ने उत्पीड़न के आरोप लगाए।





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juwan singh rawat
Wednesday, 16th Jul 2008, 14:31
this is wrong but leave is most urgent may please be sactioned to higher officer (Armi)and please go