नई दिल्ली. अंबानी बंधुओं के झगड़े को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कल प्रधानमंत्री से मिलकर तेल कंपनियों पर ‘विंडफाल प्राफिट टैक्स’ न लगाने की वकालत की थी।
गलत उदाहरण पेश किया -माकपा
माकपा का कहना है पीएमओ को कापरेरेट विवादों की मध्यस्थता करने के लिए कहकर खतरनाक उदाहरण पेश किया गया है। उसे इस तरह के विवादों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि कापरेरेट्स २२ जुलाई को विश्वास मत से पहले लॉबिंग कर हित साधने की कोशिश कर रहे हैं।
हम विवाद से दूर -पीएमओ
प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि वे मुकेश व अनिल अंबानी के झगड़े में मध्यस्थता नहीं कर रहे हैं।
पीएमओ के मीडिया सलाहकार संजय बारू के अनुसार प्रधानमंत्री उद्योगपतियों से मिलकर आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं। इसमें गलत क्या है?
पीएमओ का इस्तेमाल सौदेबाजी के लिए -भाजपा
भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने उद्योगपतियों के झगड़े के बीच पीएमओ की भूमिका को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। पीएमओ को सौदेबाजी के लिए काउंटर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।