पानीपतबीजिंग ओलिंपिक की चमक पानीपत के डाई उद्योग पर भारी पड़ रही है। चीन में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियां बंद होने से डाई और केमिकल्स के कच्चे माल की सप्लाई बंद हो गई है। इससे इनकी कीमतों में 70 प्रतिशत इजाफा हुआ है जिस कारण करीब 30 फीसदी डाई हाउस के बायलर ठंडे हो गए हैं।
डाई व केमिकल्स के थोक विक्रेता महेश रहेजा (कच्च कैंप) का कहना है कि पहले माल उधार मिलता था लेकिन अब एडवांस पेमेंट के बाद भी जरूरत का 25 फीसदी माल ही उपलब्ध हो पाता है। ऐसे में भारत में कॉटन डाई के रेट 40 फीसदी और पॉलिस्टर डाई के रेट तीन गुना बढ़ गए हैं, जबकि केमिकल्स के रेट में 60 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि नवंबर तक इसमें सुधार की संभावना नहीं है। पानीपत में हर माह करीब छह सौ टन केमिकल्स और तीन सौ टन डाई की खपत है। यह माल मुंबई व अहमदाबाद से आता है।
काम के रेट नहीं बढ़े तो हड़ताल : मलिक
दि पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान यशपाल मलिक ने कहा कि केमिकल्स और डाई के रेट में बेतहाशा वृद्धि होने के बावजूद एक्सपोर्टर रंगाई के रेट बढ़ाने को तैयार नहीं हैं। इस विषय में डायर्स की मीटिंग हो चुकी है। एक्सपोर्टर्स को एक और मौका दिया गया है। इसके बाद भी रेट नहीं बढ़े तो हड़ताल कर दी जाएगी।