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विधायक दल में गूंजा तबादलों का भ्रष्टाचार

जयपुर.प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा के तबादलों में भ्रष्टाचार का मामला भाजपा पदाधिकारियों की बैठक के बाद मंगलवार को विधायक दल की बैठक में भी गूंजा। विधायकों की नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कहना पड़ा कि विधायक बैठक में इन मामलों को न उठाएं, अलग से उन्हें बता दें। बाद में अनेक विधायकों ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत स्तर पर तबादलों में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी दी। शिकायत करने वालों में मंत्री भी शामिल थे। मंत्रियों का कहना था कि उनके रिश्तेदारों तक के तबादले तक नहीं हो पाए। बैठक में विधायकों ने प्रदेशभर में हवा में झूल रहे बिजली के नंगे तारों के बारे में शिकायत की और उन्हें शीघ्र ठीक कराने की मांग की।

पाली के विधायक ज्ञानचंद पारख ने पाली जिले में प्रदूषण का मुद्दा उठाया। बैठक के प्रारंभ में ही समर्थित विधायक हेमराज मीणा, भाजपा के समर्थलाल मीणा, बस्सी विधायक कन्हैयालाल मीणा, नवरतन राजोरिया और पीपलदा के प्रभुलाल वर्मा ने तबादलों में भ्रष्टाचार का मामला उठाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एक बार तो ये विधायक चुप हो गए, लेकिन बाद में इनके सहित कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत स्तर पर शिकायत की। बताया जाता है कि विधायकों ने आरोप लगाए कि प्रारंभिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में पैसे लेकर तबादले किए गए हैं। पैसे देने वाले जिन अध्यापकों के तबादले नहीं हुए हैं, वे अभी भी मंत्रियों के घरों पर चक्कर लगा रहे हैं। तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ, पंचायत राज राज्य मंत्री बाबूलाल वर्मा और बिजली के नंगे तार झूलने के मामले में ऊर्जा राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से अलग बात की।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा नहीं आए :

मंगलवार को विधानसभा परिसर में हुई विधायक दल की बैठक में पूर्व मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति बैठक में चर्चा का विषय रही। माना जा रहा है कि मीणा विधायकों ने डॉ.किरोड़ी के इशारे पर ही तबादलों में भ्रष्टाचार का मामला उठाया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कराया इंतजार :

इससे पहले फोटो सेशन के लिए भाजपा विधायकों को काफी देकर तक विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रासिंह का इंतजार करना पड़ा। वे करीब 25 मिनट देर से फोटो सेशन में पहुंची। भाजपा विधायक जोगेश्वर गर्ग तो उनसे भी एक कदम आगे निकले। वे फोटो सेशन समाप्त होने के बाद पहुंचे, जिससे उनका फोटो नहीं खिंच पाया। बाद में उन्होंने सूचना एवं जन संपर्क विभाग के फोटोग्राफर से आग्रह किया कि उनका फोटो खींचकर बाद में कम्प्यूटर से ग्रुप फोटो में सेट कर दिया जाए।





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