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विधानसभा में सिर्फ हंगामा

जयपुर.राज्य विधानसभा में मंगलवार दिनभर अलग-अलग मुद्दों पर हंगामा होता रहा। यह लगातार दूसरा दिन था, जब सरकार सदन में घिरती नजर आई। पहला हंगामा गुर्जरों से जुड़ा प्रश्न स्थगित करने पर हुआ। उसके बाद तो रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार और पेट्रोल-डीजल पर कर नहीं घटाने पर भी हंगामा हुआ। खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड संशोधन विधेयक के दौरान पर पक्ष-प्रतिपक्ष में तकरार हुई।

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के जुबेर खान ने कांग्रेसी विधायक भरतसिंह के गुर्जरों से संबंधित सवाल को स्थगित करने पर आपत्ति की और कहा कि गुर्जर आंदोलन में कई लोगों की मौत हुई थी। सदन इस मामले की सच्चई जानना चाहता है। इसका सत्तापक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। इस दौरान हुए हंगामे में ही पूरा प्रश्नकाल निकल गया। इसी दौरान तीन विधायकों को बिना कारण जेल में रखने के आरोप को लेकर भी खूब हंगामा हुआ। प्रश्न का उत्तर नहीं मिलने से नाराज प्रतिपक्ष ने सदन से वाकआउट भी किया। हंगामे के बीच गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गुर्जर गोलीकांड की न्यायिक जांच चल रही है। इसलिए नियमानुसार इस सवाल का जवाब नहीं दिया जा सकता।

पोपाबाई का राज :

हंगामे के दौरान ही कांग्रेस के जुबेर खान, रामनारायण मीणा, माहिर आजाद ने कहा कि गुर्जर आंदोलन में सरकार का ही हाथ था। कांग्रेस के ही अशोक बैरवा ने आरोप लगाया कि राजस्थान में पोपाबाई का राज चल रहा है। मंत्रियों ने भ्रष्टाचार की सीमाएं तोड़ दी हैं। अध्यक्ष सुमित्रासिंह ने बैरवा को बैठने के लिए कहा तो बैरवा बोले कि आप गोली मार दो, बैठूंगा नहीं। इस पर अध्यक्ष ने उन्हें सदन छोड़ने के लिए कह दिया। इस पर प्रतिपक्ष ने हंगामा तेज कर दिया।

सत्तापक्ष को चोर कहा :

हंगामे के दौरान ही कांग्रेस के संयम लोढ़ा ने सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। लोढ़ा की शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ से तकरार हुई। गुस्साए लोढ़ा ने सत्तापक्ष को चोर-चोर कहा।

फिर कांग्रेस का वाकआउट :

संयम लोढ़ा ने कहा कि सरकार ने सदन के तीन सदस्यों को बिना किसी कारण के 34 दिन तक जेल में रखा, जबकि जिन पर मुकदमें थे, उनकी गिरफ्तारी ही नहीं हुई। सत्तापक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी ने कहा कि किरोड़ीसिंह बैसला का अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी होते हुए भी सरकार ने चार दिन तक गिरफ्तार नहीं किया। इस पर कटारिया उत्तेजित हो गए। कटारिया ने कहा कि वो पार्टी यह बात कर रही है, जिन्होंने हमें 19 माह तक बिना किसी कारण के जेल में रखा था। इस पर जोरदार हंगामा हुआ और कांग्रेस ने सदन से वाकआउट किया। ..शेष पेज 6 पर

पेट्रोल-डीजल पर कर नहीं घटाने पर हंगामा पेट्रोल-डीजल पर राज्य में बिक्रीकर की दरें नहीं घटाने को लेकर सत्तापक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस और विपक्षी सदस्यों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस सदस्य ब्रजकिशोर शर्मा के पेट्रोलपंप होने के आरोप भी लगाए गए। बाद में आधा घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस के ब्रजकिशोर शर्मा ने राज्य में पेट्रोल-डीजल पर बिक्रीकर की दरों, प्रवेश कर एवं सैस का मामला उठाते हुए कहा कि इसमें कमी करके जनता को राहत दी जा सकती है। मूल सवाल के बीच में ही भाजपा सदस्यों ने सवाल उठाया कि आपके पेट्रोलपंप तो नहीं है। केंद्र सरकार 15 बार पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ा चुकी है। सदन में कोई सदस्य वो सवाल नहीं उठा सकता, जिसमें उसका निजी हित हो। इस पर शर्मा ने कहा कि मेरे नाम से कोई पेट्रोल पंप नहीं है।

आरोप लगाने के लिए मुख्य सचेतक माफी मांगे। कांग्रेस के बी.डी.कल्ला ने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत नहीं, प्रदेश की जनता का मामला है। सत्तापक्ष के मदन राठौड़ ने कहा कि शर्मा के परिवार में आनंद गैस, आसू गैस और आनंद फिलिंग स्टेशन हैं। इसी दौरान मंहगाई को लेकर दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने केंद्र में 25-25 करोड़ रुपए में सांसद खरीदे जाने की बात कही। इस बीच सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेंद्र राठौड़ सहित सत्तापक्ष के अन्य सदस्य खड़े होकर ‘जब से कांग्रेस आई है मंहगाई लाई है’ एवं ‘देखो सोनिया का यह खेल, खा गई शक्कर पी गई तेल’ आदि नारे लगाने लगे। इसके जवाब में कांग्रेस सदस्य भी खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

नारेबाजी के दौरान ब्रजकिशोर शर्मा ने कहा कि उनके एक भी पेट्रोलपंप हो तो उसे साबित करें या सत्तापक्ष सदन से माफी मांगे। इस पर सरकारी मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन एवं भाजपा सदस्य मदन राठौड़ ने तीन गैस एजेंसियों एवं फिलिंग सेंटर के नाम गिनाए। जवाब में कांग्रेस सदस्य भी सत्तापक्ष के सदस्यों के पेट्रोलपंप गिनाने लगे। मदन राठौड़ ने कहा कि इनकी जांच करा ली जाए, ये नाम गलत हों तो मैं माफी मांग लूंगा। इन्हीं आरोपों के बीच मदन राठौड़ ने कहा कि बहुत सी बातें परदे में रहने दो। कांग्रेस सदस्य ब्रजकिशोर शर्मा का सवाल पूरा होते ही सभापति ने रणवीर गुढ़ा का नाम पुकार दिया। इस पर कांग्रेस सदस्य पेट्रोल-डीजल पर बिक्रीकर की दरें कम नहीं करने पर वैल में आकर नारेबाजी करने लगे। बाद में आधे घंटे के सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।खादी बोर्ड की समस्त शक्तियां सचिव-अध्यक्ष के क्षेत्राधिकार में रहेंगीविधानसभा ने मंगलवार को राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड (संशोधन) विधेयक को संशोधित रूप में ध्वनिमत से पारित कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक को काला कानून करार देते हुए काफी देर तक हंगामा भी किया।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री डॉ.दिगंबर सिंह ने सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संशोधित विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि बोर्ड के अस्तित्व में न होने पर बोर्ड की समस्त शक्तियां सचिव-अध्यक्ष को प्राधिकृत होंगी। विधेयक में पूर्व में ये शक्तियां केवल सचिव को ही अधिकृत की गई थीं।

इससे पहले कांग्रेस के संयम लोढ़ा ने कहा कि खादी एवं कोटा डोरिया के नाम पर मुख्यमंत्री सरकारी खर्च पर 40 लोगों के साथ वीमन टुगेदर अवार्ड लेने अमेरिका र्गई। इसे अंतरराष्ट्रीय अवार्ड बताकर प्रचारित किया गया, जबकि यह एक संस्था की ओर से दिया गया था।

भाजपा के जोगेश्वर गर्ग ने विधेयक पर सरकार को ही कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेट्स हावी रहते हैं। हालांकि जनप्रतिनिधि भी अछूते नहीं हैं, लेकिन ब्यूरोक्रेट्स द्वारा संसाधनों का ज्यादा दुरुपयोग होता है। इसलिए इन बोर्डे के गठन की समय सीमा तय होनी चाहिए। भाजपा के ही शंकरसिंह राजपुरोहित ने कहा कि सचिवों को अधिकार देने की समय सीमा बांधनी चाहिए।

रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के श्रमिकों को मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं करने और टास्क में बेईमानी को लेकर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर गए।

माकपा के अमराराम धोद ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि इस योजना में श्रमिकों के साथ टास्क में बेईमानी हो रही है और ज्यादा काम कराया जा रहा है। जनता दल (यू) के जीतमल खांट ने कहा कि बांसवाड़ा कलेक्टर कह रहे हैं कि जब तक खाता नहीं खुलेगा, तब तक मजदूरी नहीं मिलेगी। प्रतिपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी ने मंगलीनी गांव का मामला उठाते हुए कहा कि वहां मजदूरी 12 रुपए ही मिल रही है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक जुबेर खान ने आरोप लगाया कि योजना में पानी की टंकी, औजार, बोर्ड लगाने और अन्य सामान खरीदने को पैसा दिया गया है। अब न तो बोर्ड लगाए जा रहे हैं और न ही सामान का पैसा दिया जा रहा है।

आबकारी एवं पर्यटन मंत्री देवीसिंह भाटी ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने अकाल राहत कार्यो में ही बंटाधार किया था। बाद में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री कालूलाल गुर्जर ने सफाई दी कि इस योजना को राजस्थान सरकार ने प्रभावी ढंग से लागू किया है। योजना क्रियान्वयन में देशभर में राजस्थान पहले स्थान पर रहा है।





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