जयपुर. एक साल से सैकड़ों बैरोजगार युवकों को नौकरी देने के नाम पर लाखों रुपए ठगने वाले को विधायकपुरी पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। अब तक पुलिस के सामने ठगी के शिकार करीब 80 युवक आ चुके हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) राजेशसिंह ने बताया कि विधायकपुरी पुलिस में मुरलीपुरा निवासी यजुवेंद्र व पंकज सहित करीब 30-40 युवकों ने उनको नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 300 से 500 रुपए लेने का मामला दर्ज कराया था।
युवकों ने आरोप लगाया था कि सरस्वती इंफोकॉम व ट्राइएंगल सर्विसेज में नौकरी दिलाने के लिए संचालक सुधीर माथुर ने विज्ञापन दिए थे। इसमें मिशन कंपाउंड, नाथ हाउस, अजमेर पुलिया के नीचे का पता दिया गया था। इस पर दो माह पहले बेरोजगार युवक वहां पहुंचे तो माथुर ने युवकों से सारे कागजात लेकर 7 से 8 हजार रुपए प्रतिमाह नौकरी देने का आश्वासन देकर प्रति युवक 3 से 5 सौ रुपए रजिस्ट्रेशन के नाम पर ले लिए।
आरोपी ने युवकों को नियुक्ति पत्र भी दे दिए, जिसमें एक माह बाद कार्य संभालने की बात लिखी थी। एक माह बाद युवक पहुंचे तो उन्हें कुछ दिन बाद रखने का आश्वासन देकर भेज दिया।
इसी दौरान आरोपी ने कई युवकों से अपनी फ्रेंचाइजी देने के नाम 10 से 15 हजार रुपए ऐंठ लिए और कार्यालय पर ताला लगा दिया। पुलिस ने आरोपी के बारे में पता लगा कर सोमवार रात को उसे दबोच लिया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से एक दिन का रिमांड दिया है।
हर दो माह में बदला था ठिकाना :
आरोपी सुधीर इसी तरह युवकों को अपना शिकार बना कर दो माह में कार्यालय बदल लेता था, ताकि वह किसी के पकड़ में नहीं आए। उसने अब तक अचरोल हाउस, गणपति प्लाजा, पांचबत्ती के समीप जीवन विहार, हवा सड़क, मिलन मानसरोवर व मिशन कंपाउंड में एक साल में कार्यालय खोले। इसी तरह वह निवास स्थान भी बदलता रहता। वह लोगों को अपना पता अरावली मार्ग शिप्रापथ का देता था, जहां उसके पिता रहते हैं। उसकी पत्नी चंद्रकला आरपीए क्वार्टर में रहती है, जबकि एक मकान किराए पर शास्त्रीनगर विश्वकर्मा कॉलोनी में ले रखा है। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी के कार्यालय की तलाशी में एक कंप्यूटर और कागजात जब्त किए हैं।