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Other Sports Other Sports जयपुर.लगभग तीन दशक तक ओलंपिक हॉकी में रहा भारत का दबदबा आखिरकार खत्म हो गया। 1928 से 1956 तक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम को रोम ओलंपिक-1960 में पहली बार शिकस्त मिली। हराने वाला कोई और नहीं पाकिस्तान था, जिसने फाइनल 1-0 से जीता। इसके साथ ही पाक ओलंपिक हॉकी में भारत को हराने वाला पहला देश बन गया।
25 अगस्त से 11 सितंबर तक हुए इन खेलों में 83 देशों ने भाग लिया। इस ओलंपिक की सबसे दुखद घटना रही डेनमार्क के साइक्लिस्ट नुड एनेमार्क की मौत। रेस के दौरान ही वे प्रतिद्वंद्वियों से टकरा कर नीचे गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें बचाया नहीं जा सका। ओलंपिक के दौरान किसी एथलीट की मौत होने की यह दूसरी घटना थी। इससे पूर्व 1912 में पुर्तगाल के मैराथन धावक फ्रांसिस्को लेजारो की दौड़ते समय मृत्यु हो गई थी।
16 में से 15 पदक सोवियत संघ के नाम >> सोवियत संघ ने जिम्नास्टिक स्पर्धाओं में दांव पर लगे कुल 16 में से 15 पदक अपने नाम किए।
>> अमेरिकी एथलीट विल्मा रूडोल्फ ने स्प्रिंट स्पर्धा में तीन स्वर्ण जीते। रोचक तथ्य यह है कि विल्मा बचपन में पोलियो से ग्रस्त थीं। >> अमेरिका के कैसियस क्ले ने लाइट हैवीवेट मुक्केबाजी का खिताब जीता। 1964 में इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद क्ले ने अपना नाम मुहम्मद अली रख लिया।
>> अमेरिकी के जैफ फारेल ने स्वीमिंग में दो स्वर्ण जीते। खास बात यह है कि ओलंपिक ट्रायल से छह दिन पहले ही उनके एपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था।
>> ऑस्ट्रेलिया के महान धावक हर्ब एलियट ने विश्व रिकॉर्ड के साथ 1500 मी. दौड़ में स्वर्ण जीता। अपने करिअर में वे कभी यह स्पर्धा नहीं हारे।
नंबर गेम
83 देशों ने भाग लिया
5338 एथलीटों का प्रतिनिधित्व
17 खेलों में 150 स्पर्धाएं
103 पदेक के साथ सोवियत संघ प्रथम