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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़सेना कैप्टन पूनम कौर के खिलाफ इन्क्वायरी शुरू करने वाली है। सीनियर अधिकारियों की अनुमति के बिना मीडिया में जाने पर उसके खिलाफ आर्मी रूल 20 के तहत कार्यवाही होगी। रक्षा मंत्रालय ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। कैप्टन पूनम ने कर्नल समेत दो अन्य अफसरों पर हैरसमेंट के आरोप जड़े हैं। उसी के मद्देनजर जल्द कोर्ट ऑफ इंक्वायरी होगी। इसके बाद ही उन अफसरों के कोर्ट मार्शल के बारे में तय होगा।
मीडिया में जाना गलत
आर्मी सप्लाई कोर के मेजर जनरल कमल मोहे ने बताया कि कैप्टन पूनम का हायर अथॉरिटी से बातचीत करने की बजाय मीडिया में जाना सैन्य नियमों के खिलाफ है। मोहे के मुताबिक वह कैप्टन पूनम के पिता और परिवार के एक अन्य सदस्य से मंगलवार शाम कालका में मिला था। कैप्टन पूनम का परिवार मंगलवार देर शाम डिनर के लिए बाहर गया था, उस पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है।
गलत साबित करने की कोशिश
सेना अब फेस सेविंग में जुट गई है। एएससी के मेजर जनरल मोहे कैप्टन पूनम कौर की सहयोगी कैप्टन संदीपिका को साथ लेकर पत्रकारों के सामने आए। वे यह साबित करने में लगे रहे कि पूनम का बयान गलत है। कैप्टन संदीपिका से कालका स्थित एएससी की बटालियन में लेडी ऑफिसर्स से सम्मानजनक व्यवहार के पक्ष में टिप्पणी करवाई। हालांकि संदीपिका ने पूनम के संबंध में कुछ कहने से इनकार किया।
तीन के खिलाफ होगी इंक्वायरी
कैप्टन पूनम ने कर्नल आरके शर्मा, ले. कर्नल अजय चावला और मेजर सूरज भान के खिलाफ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। सेना इनकी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित करेगी।
क्या है आर्मी रूल 20 किसी भी सैन्य अफसर या अदर रैंक के बिना रक्षा मंत्रालय या आर्मी अथॉरिटी की अनुमति के बिना मीडिया में सेना संबंधी मसलों पर कमेंट देना, बिना अनुमति सेना संबंधी मामलों पर लेख प्रकाशित करना, इस रूल का उल्लंघन माना जाता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।