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एनाकोंडा बनाम नागिन

परदे के पीछे.वीनस कंपनी के रतन जैन ने हॉलीवुड की जेनिफर लिंच के निर्देशन में मल्लिका शेरावत अभिनीत ‘नागिन- द स्नेक वुमेन’ बनाने का फैसला किया है। जेनिफर के पिता डेविड लिंच प्रसिद्ध निर्देशक हैं। पश्चिम में सांप को पूर्व की तरह अनेक किवदंतियों से नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने एनाकोंडा जैसी विध्वसंक किवदंती रची है।

उनके लिए पंचमी पर नाग की पूजा या आशीर्वाद देने वाले नाग या इच्छाधारी नाग की कल्पना कठिन है। भारतीय सिनेमा में नाग पर पहली फिल्म रानी मुखर्जी के दादा शशधर मुखर्जी ने पांचवें दशक में बनाई थी। हेमंत कुमार के संगीत से सजी इस फिल्म में कल्याणजी भाई ने आयात किए गए क्लेवायलिन पर धुन निकाली थी।

क्लेवायलिन पेटीनुमा होता है और वायलिन से इसका कोई रिश्ता नहीं है। वैजयंतीमाला-प्रदीपकुमार अभिनीत यह फिल्म अत्यंत सफल थी। दूसरा अभिनव विचार हरमेश मल्होत्रा लेकर आए और उनकी ऋषिकपूर-श्रीदेवी अभिजीत ‘नगीना’ में इच्छाधारी सर्पणी स्त्री के रूप में पति से इतना प्रेम करने लगती है कि उसकी रक्षा के लिए सब कुछ करने को तैयार रहती है।

इस पतिव्रता इच्छाधारी नागिन की छवि ने बॉक्स ऑफिस पर हंगामा बरपा दिया। नाग फिल्मों में राजकुमार कोहली ने आधा दर्जन सितारों के साथ ‘नागिन’ बनाई थी जिसमें एक सर्पणी अपने प्रेमी/पति सांप का वध करने वाले आधा दर्जन लोगों से बदला लेती है। रमेश तलवार की ‘नूरी’ में कुत्ता बदला लेता है। एक नाग फिल्म में सांप के अनाथ बच्चे को अरुणा ईरानी अपने वक्ष से दूध पिलाती हैं।

सांप के विषय में एक कहानी यह भी है कि एक संपेरे की प्रिय सर्पणी ने डाह के कारण उसकी नवविवाहिता पत्नी को डंस लिया। यह भी अत्यंत लोकप्रिय किवदंती है कि नाग के पास अद्भुत शक्ति वाली मणि होती है। विज्ञान कहता है कि अस्सी प्रतिशत सांपों के पास विष नहीं होता, जबकि इंसानों में जहर का प्रतिशत सांप से ज्यादा होता है।

यह भी कहा जाता है कि गर्भवती सर्पणी एक कतार में लगभग सौ अंडे देती है और पेट खाली हो जाने पर वापसी यात्रा में अंडे खा जाती है। हवा या अन्य कारणों से कतार से लुढ़का अंडा बच जाता है। हमारी टेक्नोलॉजी भी गर्भवती सर्पणी की तरह अपने ही अविष्कारों को खा जाती है और नित नई चीज बाजार में आ जाती है। ईजाद के दिन एक्सपायरी डेट लिख दी जाती है।

बहरहाल जेनिफर लिंच और मल्लिका शेरावत के बीच सृजन का रिश्ता किस तरह का बनता है- इसी पर फिल्म की गुणवत्ता निर्भर करेगी। क्या जेनिफर की बीन पर नागिन मल्लिका डोलेंगी? भारत में तमाम सफल नाग फिल्मों में संगीत हमेशा कर्णप्रिय रहा है। बतौर निर्देशिका जेनिफर को संगीत का उत्तरदायित्व भी लेना होगा। यह आश्चर्यजनक लगता है कि अमेरिका में व्यस्त कोई निर्देशक भारत में फिल्म बनाना चाहता है।





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