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सरकार पर संकट का पहला गिफ्ट अजित सिंह को

नई दिल्ली.अगले सप्ताह हर हाल में विश्वास मत हासिल करने में जुटी यूपीए सरकार ने उसे समर्थन का भरोसा दे रहे छोटे दलों की पूरी की जा सकने वाली हर मांग को मानना शुरू कर दिया है। सरकार के इस रवैए का पहला फायदा तीन सांसदों वाले राष्ट्रीय लोकदल को मिला है। आरएलडी के नेता अजित सिंह की मांग पर अब लखनऊ के अमौसी एअरपोर्ट का नाम चौधरी चरण सिंह एअरपोर्ट होगा। प्रधानमंत्री द्वारा इस आशय के प्रस्ताव को वीरवार को मंजूरी मिल गई है।

सोरेन ने रखी कुर्सी की शर्त

सूत्रों के अनुसार, अब झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन की मंजूरी का इंतजार है। सोरेन से कांग्रेस के मैनेजरों की प्रारंभिक बातचीत हुई है। वे फिर से कोयला मंत्रालय मांग रहे हैं। सरकार के एक रणनीतिकार ने माना कि ऐसा करने में दिक्कत नहीं है, लेकिन सोरेन 21 मई से पहले शपथ लेना चाह रहे हैं, जो नैतिक रूप से संभव नहीं है। सोरेन शुक्रवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं उम्मीद है शनिवार तक मामला सुलझ जाएगा। सोरेन सहित जेएमएम के लोकसभा में पांच सदस्य हैं। यूपीए के रणनीतिकार मान रहे हैं कि सपा, आरएलडी और जेएमएम के बाद बहुमत जुटाना कठिन नहीं होगा।

पीएम से मुलाकात आसान

सरकार गिराने के लिए भाजपा के अचानक तेज प्रयासों के बाद यूपीए ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। गौरतलब है कि कांग्रेस के जिन सांसदों को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या पार्टी के महासचिव राहुल गांधी से मिलने में महीनों लग जाते थे, वे इन दिनों दो-दो घंटों में तीनों से मिल रहे हैं। समर्थन का भरोसा देने आ रहे छोटे दलों के सदस्यों से मिलने में पीएम सतर्कता बरत रहे हैं। एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश हैं कि वे अकेले किसी सांसद से नहीं मिलेंगे।

वे संबंधित राज्य के प्रभारी महासचिव के साथ पीएमओ में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की मौजूदगी में ऐसे सांसदों से मिल रहे हैं।

रास्ता खुला: रणनीतिकारों ने तेलंगाना राष्ट्र समिति को मनाने की कोशिशें अभी बंद नहीं की हैं। उनका मानना है कि सपा, आरएलडी, जेएमएम के अलावा पांच निर्दलीय तथा इतने ही एक-एक सांसदों वाली पार्टियों का समर्थन उन्हें मिलना तय है। नेशनल कॉन्फ्रेंस यदि मतदान में भाग नहीं लेती है तो यह भी उसके पक्ष में होगा। बावजूद इसके सरकार की कोशिश किसी भी तरह 272 से अधिक सदस्यों का समर्थन हासिल किया जाए ताकि कहा जा सके कि करार पर लोकसभा ने बहुमत से मुहर लगाई है।





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s c kaushik
Thursday, 17th Jul 2008, 15:31
IT IS SHAMEFULL FOR THE POLITICIAN TO NEGOTIATE IN SUCH A MANNER/NO ONE IS WORRIED FOR THE NATION