नई दिल्ली.केंद्र सरकार ने देश में आठ नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) औरअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे छह नए संस्थान खोले जाने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक यह फैसला लिया गया।
कैबिनेट की बैठक के बाद वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने बताया कि मध्यप्रदेश (इंदौर), राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हिमाचलप्रदेश, बिहार, आंध्रप्रदेश और उड़ीसा में आईआईटी की स्थापना की जाएगी।
कैबिनेट ने भोपाल, जोधपुर और रायपुर सहित छह शहरों में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाय) के तहत एम्स जैसे संस्थान खोलने को भी हरी झंडी दी। शेष तीन संस्थान पटना (बिहार), भुवनेश्वर (उड़ीसा), और ऋषिकेश (उत्तरांचल) में खोले जाएंगे।
आंध्र, बिहार और गुजरात के आईआईटी अस्थाई परिसरों में बीटेक के लिए 120 छात्र प्रत्येक के हिसाब से कक्षाएं शुरू करेंगे। इनकी निगरानी क्रमश: मद्रास, गुवाहाटी और बॉम्बे आईआईटी करेंगे। इसी प्रकार राजस्थान, पंजाब और उड़ीसा के अन्य तीन आईआईटी अपने संरक्षक आईआईटी क्रमश: कानपुर, दिल्ली और खड़गपुर के परिसरों में कक्षाएं शुरू करेंगे।
इंदौर और हिमाचल प्रदेश के आईआईटी नए परिसर में 2009-10 से सत्र की शुरुआत करेंगे। चिदंबरम ने बताया कि प्रत्येक नए आईआईटी संस्थान को छह साल की अवधि के लिए 6,080 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसी प्रकार एम्स जैसे प्रत्येक संस्थान पर 332 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इन संस्थानों में 850 बिस्तरों वाला अस्पताल भी होगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
एक महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की तकनीकी संस्था को आईआईटी का दर्जा देने और इसे देश की आईआईटी प्रणाली के साथ जोड़ने की मंजूरी भी दी है। कैबिनेट ने 4000 किलोमीटर राजमार्ग के नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। वहीं, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों को गति देने की बात कही।
एअरपोर्ट चरणसिंह के नाम पर
मंत्रिमंडल ने लखनऊ के अमौसी एअरपोर्ट का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री और चौधरी चरण सिंह के नाम पर किए जाने की घोषणा की है। सरकार के निर्णय को राजनीतिक फैसला माना जा रहा है, क्योंकि आरएलडी के लोकसभा में तीन सदस्य हैं और विश्वास मत के दौरान उनका वोट सरकार का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।