न्यूयार्क.भारतीय कंपनी रैनबैक्सी लैब पर अमेरिका में घटिया दवाएं बेचने के आरोप लगाने वाला नियामक (एफडीए) खुद ही जांच के घेरे में आ गया है। अमेरिकी कांग्रेस अब एफडीए की भूमिका की जांच करेगी।
इस जांच के दौरान भारतीय कंपनी को अमेरिका में दवा निर्माण के संबंध में मंजूरी में एफडीए द्वारा अपनाई गई नीति के साथ-साथ नियमों का किसी तरह से उल्लंघन तो नहीं हुआ है इसकी भी जांच की गई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति ने यह बात कही है।
इसके अलावा, हाउस एनर्जी और कॉमर्स कमेटी इस बात की जांच करेगी की एफडीए क्यों कंपनी की दवाओं को मंजूरी दे रहा है और जबकि रेनबैक्सी की निर्माण प्रक्रिया पर ही सवाल उठ रहे हैं तो क्यों शिपमेंट को मंजूरी दी जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति यह पता लगाना चाहती है कि क्या एफडीए द्वारा जानबूझ कर असुरक्षित और अप्रभावी दवाओं को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने को मंजूरी दे रहा है।
अमेरिकी डिपार्टमेंट आफ जस्टिस (डीओजे) ने फेडरल कोर्ट में दायर मामले में कंपनी पर सुनियोजित तरीके से नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाया है। डीओजे का आरोप है कि कंपनी ने अपनी जेनेरिक दवाओं की स्टेबिलिटी और बायाो-इक्विलेंस के बारे में एफडीए में गलत और भ्रामक जानकारी दी है।
डीओजे ने बताया है कि कंपनी वितरित दवाओं के बारे में नियत समय अंतराल पर जानकारी देने में भी विफल है जो तय नियमों के अनुरूप नहीं है। डीओजे का आरोप है कि कंपनी एफडीए द्वारा दवा निर्माण के संबंध में बनाए गए नियमों का उल्लंघन कर रही है।
रेनबैक्सी लैब के सीईओ और एमडी मालविंदर सिंह बुधवार को डीओजे को पूरा सहयोग देने की बात कह चुके हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि अमेरिका में कंपनी का कारोबार सामान्य रूप से चलता रहेगा।
‘अगर यह आरोप सही पाए जाते हैं तो रेबैक्सी अमेरिकी जनता की सुरक्षा को ठीक उसी प्रकार खतरे में डाल रही है जैसे हमने बीस साल पहले जनरिक दवाओं के स्केंडल का खुलासा किया था। हम यह जानना चाहेंगे कि क्या एफडीए अधिकारियों को इन आरोपों के बारे में मालूम था। यदि हां तो क्या कार्रवाई की गई।’
-जॉन डिंगैल, चैयरमैन हाउस एनर्जी और कॉमर्स कमेटी
दाइची सैंक्यो ने सौदे की पुष्टि की रेनबैक्सी ने कहा है कि प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बेचे जाने के संबंध में दायची सैंक्यों से किया गया सौदा अंतिम और बंधनकारी है। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा है कि मीडिया और शेयर बाजार का एक वर्ग अटकलबाजियों को बढ़ावा दे रहा है।
गिरा रेनबैक्सी का शेयर अमेरिका से कंपनी के खिलाफ जांच के बारे में खबर आने के बाद बीएसई में गुरुवार को रेनबैक्सी लैब के शेयरों में 8.43 फीसदी तक गिरावट देखी गई। सत्र की समाप्ति पर सेंसेक्स के 536 अंक ऊपर बंद होने के बावजूद कंपनी के शेयर 431 रुपए का इंट्राडे न्यूनतम स्तर छूने के बाद 3.93 फीसदी गिरकर 452.20 रुपए के भाव पर बंद हुए।