HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

मोरेल बांध में छह फीट पानी की आवक

लालसोट. प्रदेश में चले मानसूनी बरसात के दौर के कारण छ: फीट पानी की आवक होने से लोगों में आशा का संचार हुआ है। विगत वषरे से खाली चले आ रहे बांध के कारण क्षेत्र के किसानों को सिंचाई कार्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

साढ़े तीस फीट की भराव क्षमता होने के कारण छ: फिट पानी की आवक ज्यादा नहीं है फिर भी मानसून के पहले दौर में पानी की आवक ने किसानों में संजीवनी बूटी की तरह संचार किया है तथा आशाएं जगने लगी है।

सन्् 2007 में बांध के खाली रहने के कारण 80 गांवों के हजारों किसानों की लाखों बीघा भूमि काश्त के अभाव में खाली रही जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। पानी की आवक से बांध परिक्षेत्र में हरियाली होने से मनोहरी दृश्य बना हुआ है।

यहां होती है बांध से सिंचाई
बांध से तहसील के कांकरिया, सुन्दरपुर, कल्याणपुरा, बाढ़कल्याणपुरा, रायपुरा, धोराला, अचलपुरा, बाड़ाबाढ़, बिलौनाखुर्द, बगड़ी, कांदलोदा, देवलदा, कुंडाल सहित स.मा.के बामनवास, करेल, पीपलदा, टिगरिया, बेरखण्डी, बाटोदा, बरनाला, जस्टाणा, चैनपुरा, अनियाला, गाÝद सहित बोली मलारना चौड, मलारना डूंगर के गांवों को भी सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति होती है।

कहते हैं आंकड़े

बांध का निर्माण सन् 1952 में 3870 हैक्टेयर भूमि पर
भराव क्षमता 30 फिट 6 इंच
सिंचित क्षेत्र व 83 गांवों की भूमि व तीन लाभांवित लाख से अधिक की आबादी
कैचमैंट एरिया1292 क्युबिक माईल क्षेत्र
कुल भराव क्षमता 2707 एम.सी.एफ.टी. मिलियन क्युबिक फिट
सिचांई को छोडे 2496 एम.सी.एफ.टी जाने वाला पानी मिलियन क्युबिक फिट
बांध में स्टोरेज पानी 211 एम.सी.एफ.टी.

क्या कहते हैं अधिकारी
जेईएन शिवदान सिंह के अनुसार कुल 52 हजार एकड़ भूमि बांध क्षेत्र में आती है। जिसमें 46 हजार एकड़ कल्चर कमांड ऐरिया व 34 हजार 700 सिंचित कमांड ऐरिया है। 2 लाख 8 हजार बीघा भूमि की पिलाई इस्ट व मैन कैनाल के माध्यम से होती है। पूर्वी कैनाल से 55 गांवो के 76.83 किलोमिटर तक नहरों से पिलाई की जाती है। वहीं इस्ट कैनाल से 28 गांवों में 52 किलो तक फैली नहरों से सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की जाती है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: