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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. सिंध परियोजना द्वितीय चरण के तहत करीब 1500 करोड़ की लागत से तैयार किए गए अटल सागर (मड़ीखेड़ा बांध) नहर और जल विद्युत परियोजना से अंचल के चार जिलों में हरित क्रांति आएगी। इस बांध के पानी से शिवपुरी समेत ग्वालियर, भिंड, दतिया के कुल 453 गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
मुख्य अभियंता राजघाट नहर परियोजना दतिया और अटल सागर एचडी जोशी के अनुसार, 62 मीटर ऊंचे और 1060 मीटर लंबे इस बांध से शिवपुरी शहर को पीने के लिए पानी मिलेगा। साथ ही करैरा, नरवर, शिवपुरी और आसपास के इलाके के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। इस पूरी परियोजना से 1 लाख 62 हजार क्षेत्र में सिंचाई होगी और जिले के 157, ग्वालियर के 193 गांवों समेत उक्त चार जिलों के 453 गांवों में पानी पहुंचेगा, जाहिर है कि इससे हरित क्रांति का सपना साकार होगा।
इस योजना में अकेले मड़ीखेड़ा बांध और जल विद्युत परियोजना पर 607 करोड़ के करीब व्यय किए गए हैं। शेष राशि नहर प्रणाली विकसित करने में एवं छोटे-छोटे बांध तैयार करने में खर्च की गई है। जल विद्युत परियोजना के तहत यहां 20-20 मेगावाट की तीन इकाइयां स्थापित हैं। इनसे हर साल 42 करोड़ रुपए की बिजली बनेगी। योजना के तहत पक्का बांध 577.83 मीटर एवं मिट्टी बांध 483.77 मीटर बनाया गया है। बांध के डूब क्षेत्र में कुल 5674.91 हेक्टेयर भूमि आती है, जिसमे ंराजस्व भूमि, निजी भूमि एवं वनभूमि क्रमश: 1078.04 हेक्टेयर, 1544.87 और 3050 हेक्टेयर है।
बांध के क्षेत्र से 1215 परिवार विस्थापित किए गए हैं, जिन्हें अन्यत्र सुविधाएं देकर बसाया गया है। पक्के बांध में कुल 10 गेट हैं और इसमें समुद्र की सतह से 346 मीटर तक पानी भरा जा सकता है।