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हादसों का हाइवे: 7 माह में 80 मौत

शिवपुरी. राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 और 25 पर मौत का साया है। हाइवे पर हर रोज औसतन दो सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। 15-16 जुलाई की रात कोलारस के निकट मारूति वेन और ट्रक की भिड़ंत में कृषि उपज मण्डी कोलारस के सचिव समेत तीन कर्मचारियों की मौत के बाद हाइवे के हादसों ने गुजर 48 घंटे में दो और निदरेषों को निगल लिया।

जानकारी के अनुसार जुलाई माह के 17 दिन के भीतर हाइवे पर हुए हादसों में नौ लोग असमय काल कवलित हो गए। इस साल के सात माह में हादसों में मरने वालों का आंकड़ा 80 को पार कर गया है।

पुलिस रिकार्ड की मानें तो वर्ष 2008 में न केवल सड़क दुर्घटनाएं अधिक दर्ज की र्गइ हैं, बल्कि इनमें मरने वालों की संख्या वर्ष 2006 और 07 की तुलना में कहीं अधिक है। मई माह तक 71 लोगों की जिंदगी खत्म हो चुकी है और 340 से अधिक व्यक्ति इन पांच माह में हुई दुर्घटनाओं में घायल हुए।

जून माह में मरने वालों की संख्या कम रही, पर जुलाई में एक बार फिर हाइवे पर मौत नाच रही है। 17 जुलाई तक नौ लोगों की हाइवे पर हुए हादसों में जान जा चुकी है। जबकि दो दर्जन से अधिक घायल हुए हैं।

साल-दर-साल हादसे

2006 : जिले में वर्ष 2006 में 634 सड़क हादसे हुए। इनमें असमय ही 118 जिंदगियां काल कवलित हो र्गइ और करीब 779 लोग घायल हो गए। इनमें कई के हाथ-पैर फ्रैक्चर हुए तो कई हमेशा के लिए अपाहिज हो गए।
2007 : जिले में वर्ष 2007 में 825 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की र्गइ। इनमें 166 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई और 780 से अधिक लहूलुहान हुए।
2008 : जिले में इस साल सातवें माह तक 80 से अधिक लोग दुर्घटनाओं में असमय मौत का शिकार हो गए। जबकि घायलों की संख्या तीन सैकड़ा से अधिक है। 17 जुलाई तक हादसों की संख्या चार सैकड़ा से अधिक बताई गई है।

मौत का आंकड़ा एक नजर में
-जिले में हादसों में हर माह कम से कम 10 लोगों की अकाल मौत हो रही है।
-इस साल जनवरी में 82 हादसे हुए। इनमें 14 की मौत हो गई।
- फरवरी 08 में 10, मार्च में 9, अप्रैल में 24 लोगों की जान गई।
-मई में 14 और जून में 4 लोगों की जान गई।
-जुलाई माह में हाइवे के हादसों में अब तक नौ मार जा चुके हैं।

एक नजर में हादसे और मौतें (लगभग)
वर्ष ---- दुर्घटनाएं --- मौतें --- घायल
2006 -- 634 ----- 118 --- 779
2007 -- 825 ----- 166 --- 780
2008 -- 385 ------ 84 --- 400

नशे में दौड़ाते हैं ट्रक
जिले में हर तीन माह में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होती है।संभागीय स्तर पर भी गत 15 मई को यह बैठक हुई है, लेकिन बैठकों में लिए जाने वाले निर्णय व सुझावों पर सख्ती व गंभीरता से अमल न होने के कारण ये बैठकें बेनतीजा साबित हो रही हैं। आलम ये है कि तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती और अधिकांश ट्रक चालक तो शराब के नशे में सड़क पर वाहन दौड़ाते हैं और यही कारण बेकसूरों की मौत का सबब बनता है।

एक नजर में सड़कों की स्थिति
-जिले से गुजरे राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 एबी रोड की लंबाई 110 किमी है। इसी प्रकार झांसी रोड स्टेट हाईवे की लंबाई 167 किमी है। जिले में मुख्य जिला मार्गो की लंबाई 365, अन्य जिला मार्गो की लंबाई 330 किमी व ग्रामीण मार्गे की लंबाई 173 किमी है। सबसे अधिक दुर्घटनाएं हाईवे पर दर्ज की र्गइ हैं।

एबी रोड पर दवाब सर्वाधिक
हर रोज तकरीबन 16000 कारों का बोझ ढोने वाले आगरा मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर इतना दवाब है कि हर साल इसकी मरम्मत करानी पड़ती है। वाहनों का दवाब अधिक होने के कारण इसे फोरलेन करने की जरूरत महसूस की जा रही है, पर शायद राज्य और केन्द्र सरकारों के पास पैसा नहीं है और सरकारें जनता को मरने दे रही हैं।

यहां थोड़ा संभलकर चलें
जिले में ग्राम बड़ौदी एबी रोड, झांसी तिराहा एबी रोड, काली माता मंदिर झांसी रोड, बालाजीधाम मंदिर की पुलिया एबी रोड, खूबत घाटी एबी रोड, कलोथरा फाटक एबी रोड, भानगढ़ फाटक, पतारा गांव के पास एबी रोड, ग्राम सेसई से पड़ोरा तक, मानीपुरा जगतपुर, देहरदा तिराहा, लुकवासा कस्बा, गांव अटलपुर एबी रोड, थाना अमोला के सामने झांसी रोड ऐसे स्थल हैं, जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं।

एसपी का पत्र बेमानी

जिला पुलिस अधीक्षक डीसी शर्मा ने गत 26 मई को पत्र क्रमांक पु.अ./शिव./पीए/वि./253/08 के जरिए कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव को सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चेताया था।

एसपी ने पत्र के साथ उन स्थानों की लिस्ट भी भेजी थी, जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने स्टेट एवं सेंट्रल हाईवे के अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें दुर्घटना वाले स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था कराने और इन मार्गो पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग का प्रयोग कर दुर्घटनाओं पर काबू करने के उपाय कराने के लिए कहा था।

इस पत्र के बाद भी स्टेट और सेंट्रल हाइवे पर अंधेरा बरकरार है और दुर्घटना वाले स्थानों पर दुर्घटना संबंधी कोई उपाय नहीं किए गए हैं।

ये हैं 17 दिन में हुए हादसे
-6 जुलाई बदरवास के निकट कार-ट्रक भिड़ंत में कृषि विभाग गुना के तीन अधिकारी घायल हुए।
-7 जुलाई एबी रोड पर नागाबावड़ी के निकट अज्ञात ट्रक की टक्कर से एक युवक की मौत।
-11 जुलाई को बदरवास के निकट ट्रक की टक्कर से दो ग्रामीणों की मौत।
-15-16 जुलाई की रात कोलारस के देहरदा पर मारूति वेन-ट्रक की भिड़ंत में मण्डी सचिव समेत तीन मर।
-15 जुलाई की दोपहर बदरवास के पास ट्रैक्टर पलटने से एक मरा।
-16-17 जुलाई को सुभाषपुरा के बिलूखो पर दुर्घटना में इंदौर के दो व्यक्तियों की मौत।





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