इंदौर. गुरु पूर्णिमा पर प्रदेश के पांच सौ शिक्षक राज्यपाल से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगेंगे। प्रदेशभर के 80 अनुदान प्राप्त कॉलेजों में पढ़ा रहे इन शिक्षकों को ७५ महीने से आधा वेतन मिल रहा है। सरकार समस्या हल करने के बजाय कानूनी दांव-पेंच साथ खेल रही है।
प्रदेश में ऐसे सात सौ शिक्षक हैं जिनमें से पांच सौ ने सपरिवार इच्छामृत्यु के वरण का निर्णय लिया है। म.प्र. अशासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ की भोपाल इकाई के सचिव डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया हमारा प्रतिनिधिमंडल गुरु पूर्णिमा पर राज्यपाल डॉ. बलराम जाखड़ से मिलकर अपनी मंशा जताएगा। फिर दिल्ली में राष्ट्रपति के सामने इच्छामृत्यु के लिए आवेदन करेंगे।
भोपाल बुलाकर पढ़ाया झूठे आश्वासन का पाठ
प्रो. राजीव शर्मा ने बताया गुरु पूर्णिमा पर हमें सरकार से इच्छामृत्यु मांगना होगी, यह सोचकर मन उदास है। सत्ता में आने से पहले वादा करने वाली भाजपा हमें भूल गई है। इंदौर से 25 शिक्षकों को भोपाल बुलाकर पूरी तनख्वाह के झूठेआश्वासन का पाठ पढ़ाया था लेकिन आज तक 50 प्रतिशत वेतन ही मिल रहा है। कुछ महीने में आचार संहिता लागू हो जाएगी फिर कुछ नहीं होगा।