भोपाल. नगरीय निकायों को तकनीकी और आर्थिक मदद मुहैया कराने के उद्देश्य से त्नमध्यप्रदेश शहरी विकास कोषत्न की स्थापना की गई है। राज्य सरकार ने इसका गठन रजिस्टर्ड ट्रस्ट के रूप में किया है, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव राकेश साहनी होंगे। ट्रस्ट अपनी तकनीकी और प्रबंधकीय आवश्यकताओं की पूर्ति निजी क्षेत्र की भागीदारी से करेगा। इसके लिए एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी कर प्रस्ताव मंगाए गए हैं।
74 फीसदी भागीदारी निजी कंपनी की
विश्वविख्यात लुईस बर्जर और भारत की इंडियन लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी ने इस काम में रुचि दिखाई है। अधोसंरचना विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर संयुक्त क्षेत्र में बनने वाली इस कंपनी में 74 फीसदी भागीदारी निजी कंपनी की होगी। बाकी 26 फीसदी राशि राज्य सरकार लगाएगी।
राज्य सरकार ने 20 करोड़ दिए
राज्य सरकार ने इस कोष के लिए पचास करोड़ रुपए की राशि मुहैया कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में बीस करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। यह कोष केंद्र सरकार की पूल्ड फाइनेंस डेवलपमेंट फंड नीति के तहत राज्य इकाई के रूप में काम करेगा।
ये मदद करेगी कंपनी
नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास से संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए धन जुटाने में कंपनी सहयोग करेगी। मेचिंग शेयर के अभाव में कई निकायों को केंद्रीय मदद नहीं मिल पाती है। ऐसे मामलों में तकनीकी और आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
कौन-कौन होंगे ट्रस्टी
नगरीय प्रशासन एवं विकास, आवास एवं पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, जल संसाधन, स्वास्थ्य, वित्त और अन्य महत्वपूर्ण महकमों के प्रमुख सचिव इस ट्रस्ट के ट्रस्टी होंगे। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास ट्रस्ट के सदस्य सचिव रहेंगे।
निकायों के सामने दिक्कत
प्रदेश में वर्तमान में 14 नगर निगम, 87 नगर पालिका और 237 नगर पंचायत हैं। इनमें शिक्षित-प्रशिक्षित न तो तकनीकी अमला है और न ही वित्तीय प्रबंधन के जानकार। केंद्रीय मदद लेने और मेचिंग ग्रांट मुहैया कराने के लिए निकायों के पास संसाधनों की कमी है। इन्हें जुटाने का तरीका भी निकायों के अधिकारियों को पता नहीं है। ट्रस्ट और उसके अधीन बनने वाली कंपनी निकायों को इस तरह की मदद मुहैया कराएगी, ताकि वे अपने-अपने इलाके में अधोसंरचना विकास की नई योजनाएं ले सकें।
निकायों के अधोसंरचना प्रोजेक्ट तैयार करने,वित्त पोषण और उस पर क्रियान्वयन तक का दायित्व कंपनी निभाएगी। यह कंपनी ट्रस्ट के अधीन काम करेगी।
—एसएन मिश्रा, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास।