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आज पहुंचेंगे गुरु के द्वार

जयपुर. mandir गुरुपूर्णिमा पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। मंदिरों में भगवान का अभिषेक, फूल बंगला झांकी, दीक्षा समारोह आदि आयोजन होंगे। इस दौरान गुरु पूजन, पादुका पूजन के साथ ही नए शिष्य गुरु दीक्षा लेंगे।

गलतातीर्थ में सुबह 7 बजे गालव ऋषि व पयोहारीजी की गादी व गुफा पर चित्र पूजन होगा। इसके बाद दीक्षार्थी गुरु पूजा तथा नए शिष्य दीक्षा ग्रहण करेंगे। सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक भजन होंगे। संतों का भंडारा 20 जुलाई को गुजरात के शिष्यों की ओर से आयोजित किया जाएगा। दर्शनार्थियों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है, जो शुक्रवार सुबह 7 बजे छोटी चौपड़ से रवाना होंगी। गुरुदीक्षा का कार्यक्रम शाम 7 से 10 बजे तक रूपचतुभरुज मंदिर पर होगा। लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में सुबह भगवान का अभिषेक किया जाएगा।

मानसरोवर पटेल मार्ग की प्रजापति विहार कॉलोनी के गुरुकुल वेदाश्रम में 51 कुंडीय लक्ष्मीनारायण यज्ञ होगा। यज्ञाचार्य मनोहर चतुर्वेदी के सान्निध्य में गुरुपूजा महोत्सव होगा।

खोले के हनुमान मंदिर में हनुमानजी का अभिषेक व पूजन किया जाएगा। इस मौके पर परिसर आनंदेश्वर महादेव मंदिर में 20 व 21 जुलाई को सवा लाख बिल्व पत्र शिवलिंग पर अर्पित किए जाएंगे। गुरुपूर्णिमा महोत्सव समिति की ओर से रामनिवास बाग म्यूजियम रोड के शिव सत्संग भवन में कृष्णानंद महाराज की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले गुरुवार को भागवत कथा का समापन हुआ। जयनिवास उद्यान के पास स्थित राधा वल्लभ सत्संग भवन में प्रेमकुमार महाराज द्वारा दीक्षा दी जाएगी। ब्रrापुरी के चमत्कारेश्वरी माता मंदिर में गुरुपूजन के साथ फूल बंगले की झांकी सजाई जाएगी।

चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे सरई बाबा: मानसरोवर चेतना पथ पर शिरडी सरई बाबा मंदिर में सरई बाबा को सुबह 9 बजे चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया जाएगा।

सरस निकुंज में पादुका पूजन : पानों का दरीबा के सरस निकुंज में शुकसंप्रदायाचार्य अलबेली माधुरीशरण के सान्निध्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा।

फूल बंगला झांकी : हाथोज के दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर में हनुमानजी की आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी और गुरुपूजन किया जाएगा। दक्षिणमुखी बालाजी सत्संग मंडल हाथोज की ओर से भजन कीर्तन होगा। विश्वकर्मा रोड नंबर 14 के मोक्षेश्वर महादेव मंदिर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव गुरुवार से शुरू हुआ।

रक्तदान शिविर : दिव्य जागृति संस्थान सोढ़ाला व दिव्य ज्योति ट्रस्ट की ओर से मालवीय नगर के शहीद अमित भारद्वाज पार्क में दोपहर 1 बजे गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर परिवार सेवा समिति के युवा सदस्यों की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।

खंड वर्षा के संकेत
इस बार खंड बारिश के योग बने हैं। गुरुवार को आषाढ़ी पूर्णिमा पर जंतर-मंतर पर किए वायु परीक्षण के बाद ज्योतिषियों ने यह भविष्यवाणी की। परीक्षण के दौरान हवा का रुख नैऋत्य से ईशान की ओर और इससे पहले तक पश्चिम से पूर्व की ओर रहा। पंडितों ने कहीं अधिक व कहीं कम बारिश के योग बताए व बीमारियों में कमी के संकेत के साथ ही ठीकठाक फसल के भी संकेत दिए।

इस मौके पर उपस्थित विद्वानों ने सबसे पहले स्वस्तिवाचन और पूजन किया। इसके बाद सम्राट पर चढ़कर शाम 7:15 बजे हवा पताका पहराई और हवा का परीक्षण किया। ज्योतिषाचार्य पंडित शिवदत्त शास्त्री ने अंत में ज्योतिषियों का निर्णय सुनाते हुए कहा कि हवा का रुख नैऋत्य से ईशान की ओर अधिक समय तक रहा। इससे खंड बारिश का योग बनेगा।

त्नत्नजयपुर की स्थापना से पहले से आषाढ़ी पूर्णिमा पर वायु परीक्षण किया जाता रहा है। परीक्षण का वास्तविक असर चौरासी कोस परिधि के अंदर साफ तौर पर नजर आता है। इस बार खंड बारिश के योग बने हैं।
- डॉ. विनोद शास्त्री, महासचिव, राजस्थान ज्योतिष परिषद

त्नत्नवायु का वेग नैऋत्य से ईशान की ओर है, इसलिए इस बार खंड बर्षा के संकेत रहेंगे। इससे वर्षाकाल अच्छा रहेगा। साथ ही फसल भी ठीक होगी।
- चंद्रशेखर शास्त्री, ज्योतिषाचार्य

सावन कल से

सावन शनिवार से शुरू हो जाएगा। इस दौरान शहर में कांवड़ यात्राओं की धूम रहेगी। शंकर भगवान के भक्त मंदिरों में रुद्राभिषेक और सहस्त्रघट करेंगे। पूर्णिमा से पूजन शुरू करने वाले लोग शुक्रवार से ही शिव पूजन प्रारंभ कर देंगे।

शहर के सभी शिवालयों में शिव के पूजन के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। भगवान भोले के भक्त भी सावन के इस महीने में व्रत और उपवास रखेंगे। इस दौरान शिव का बिल्वपत्र, चंदन, आक, धतुरा, भांग से अभिषेक किया जाएगा। युवतियां अच्छे वर की कामना के लिए सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव की विशेष आराधना करेंगी। नई विवाहिताएं सावन के महीने में अपने पीहर में रहेगी। कई लोग सावन में मांस-मदिरा का परित्याग कर देंगे। इस माह में रविवार को कई स्थानों पर गोठों का सिलसिला भी चलेगा।

सावन में रहेंगे दो ग्रहण और पांच शनिवार : पं. बंशीधर जयपुर पंचांग के निर्माता पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार सावन में 1 अगस्त को खंडग्रास सूर्यग्रहण और 16 अगस्त को खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। इसके अलावा 19 व 26 जुलाई, 2, 9 व 16 अगस्त को शनिवार रहेंगे। यह योग इस महीने अशांति कारक रहेगा।





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