जयपुर. उत्तर-पश्चिम रेलवे ने आम उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए 59 स्टेशनों को कंप्यूटरीकृत अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) से जोड़ दिया है। रेलवे ने अब इस वर्ष 145 और स्टेशनों को इस प्रणाली से जोड़ने की योजना बनाई है।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के.एल.इनखिया ने बताया कि इस प्रणाली से आम यात्रियों को भी अग्रिम यात्रा योजना बनाने में आसानी होगी। वे देश के किसी भी रेलवे के किसी भी स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक का टिकट ले सकेंगे। इस प्रणाली से जयपुर अजमेर और बीकानेर मंडलों में 15-15 स्टेशनों और जोधपुर मंडल में 14 स्टेशनों को जोड़ा गया है।
जयपुर मंडल में इन स्टेशन को जोड़ा
अलवर, बांदीकुई, ढेहर का बालाजी, दौसा, दुर्गापुरा, गांधीनगर, गैटोर जगतपुरा, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल, किशनगढ़, फुलेरा, रेवाड़ी, रींगस व सीकर।
क्या होगा फायदा
>> अनारक्षित टिकट प्रणाली द्वारा अग्रिम यात्रा की योजना बनाने की सुविधा।
>> स्टेशन व बुकिंग कार्यालय द्वारा शीघ्रता से टिकट बेचने से यात्रियों की भीड़ कम होगी।
>> टिकट बिक्री के आधार पर अतिरिक्त कोच लगाने की योजना बनाना आसान।
>> इस प्रणाली से रेलवे के किसी भी स्टेशन से किसी भी स्टेशन तक टिकट लिया जा सकेगा।
>> मासिक टिकट व प्लेटफॉर्म टिकट भी इससे जारी हो सकेंगे।
>> किसी भी काउंटर से टिकट का रद्दीकरण किया जा सकेगा।
इन धोखाधड़ियों पर लगेगी रोक
>> प्रयुक्त टिकटों के पुन: प्रयोग पर।
>> नकली टिकटों के बिकने पर।
>> अधिक कीमत का टिकट बेचकर कम पैसे जमा कराने पर।
>> पुरानी टिकटों पर अधिक कीमत वसूलने पर।
>> देरी से टिकट खिड़की खोलने पर।