प्रदेश के विभिन्न अंचलों से.
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ता मोबाइल टावर और पानी की टंकियों पर चढ़ गए। कई जगह कॉलेज व स्कूलों में छुट्टी करा दी गई तथा रास्ते जाम किए गए।
कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। जयपुर में आक्रोशित कार्यकर्ता जेएलएन मार्ग पर मुख्यमंत्री के सुरक्षा चक्र को तोड़ते हुए उनके काफिले में घुस गए। इस पर दो छात्रों को हिरासत में लिया गया।
जयपुर, बूंदी, श्रीगंगानगर व सीकर सहित कई जिलों में कार्यकर्ता देर शाम तक टावर व टंकियों पर डटे रहे। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गुरुवार सुबह 6 से 8 बजे के बीच 16 जिलों के 18 स्थानों पर ऐसा प्रदर्शन किया। जयपुर, जोधपुर, भीलवाड़ा, मांडलगढ़, सीकर, गंगानगर, करौली, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, जालौर में मोबाइल टावर्स तथा कोटा, बूंदी, बारां व उदयपुर में टंकियों पर चढ़े।
सरकार का ध्यान आकर्षित करवाना : धीरज
एनएसयआई के प्रदेशाध्यक्ष धीरज गुर्जर के अनुसार संगठन लंबे समय से प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव कराने की मांग करता आ रहा है। इसके अलावा भाजपा सरकार ने इस सत्र से चुनाव कराने की घोषणा भी की थी, लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया है। इसी वजह से एनएसयूआई ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए टॉवर व पानी की टंकियों पर चढ़ने का कार्यक्रम बनाया।
साढ़े पांच घंटे सांसत में रही जान
अजमेर . अजमेर में एनएसयूआई के दो पदाधिकारी गुरुवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गए। तीस मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर बैठे छात्र नेताओं के कारण कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ पुलिस व प्रशासन के अफसरों की जान आफत में आ गई।
पुलिस के प्रयास से आखिरकार साढ़े पांच घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित उतार लिया गया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एनएसयूआई के शहर महासचिव मोहम्मद गुफरान सिद्दीकी और सचिव मनीष कंवरिया जवाहर नगर स्थित रिलायंस मोबाइल के 42 मीटर ऊंचे टावर पर करीब 32 मीटर की ऊंचाई पर जाकर बैठ गए। साथ ही राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने की घोषणा नहीं होने तक टावर से नीचे नहीं उतरने की जिद पर अड़ गए।
इस खबर से आसपास के लोगों और छात्रों की भीड़ जमा हो गई। शहर अध्यक्ष नौरत गुर्जर और प्रदेश महासचिव सर्वेश पारीक के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। साढ़े आठ बजे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को उतारने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो प्रशासन को सूचना दी। एडीएम सिटी स्नेहलता पंवार ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष जसराज जयपाल और नौरत गुर्जर से फोन पर बात कर छात्रों को उतारने का आग्रह किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
करीब दोपहर साढ़े बारह बजे डीएसपी उत्तर कैलाशदान रत्नू और क्रिश्चियनगंज थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी ने पुन: संगठन पदाधिकारियों से छात्र नेताओं को नीचे उतारने के लिए बातचीत की। इस पर जयपाल और गुर्जर ने दोपहर एक बजे सिद्दीकी और कंवरिया को नीचे उतरने को कहा। 1. 10 बजे दोनों के नीचे उतरने के बाद पुलिस उन्हें सिविल लाइन थाना ले गई, जहां रोजनामचे में रपट डालकर उन्हें छोड़ दिया।
मौके पर शहर कांग्रेस महामंत्री कुलदीप कपूर, गुर्जर नेता सौरभ बजाड़, एनएसयूआई शहर उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह तंवर, इमरान सिद्दीकी, कुलदीप राठौड़, अविनाश, पंकज छोटवानी, दीपक कुमार और विनोद परिहार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
एएसपी बिगाड़ देते बात
मौके पर पहुंचे एएसपी सिटी सत्येंद्र सिंह के सख्त रवैये से बात बिगड़ जाती। एनएसयूआई पदाधिकारी उनके व्यवहार से खफा हो गए और आंदोलन बढ़ाने पर विचार करने लगे। स्थिति को देखते हुए एएसपी वहां से चले गए।
कंपनीकर्मियों से खफा
छात्रों को मनाने में नाकाम रहे एएसपी सिटी सत्येंद्र सिंह ने रिलायंस कंपनी के कर्मचारियों पर नजला उतारा। सिंह ने कंपनी कर्मचारियों पर टावर पर चौकीदार नहीं रखने के लिए डांट लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
माइक फेल
पुलिस द्वारा मंगवाए माइक से उपनिरीक्षक अजीत सिंह ने छात्रों को टावर से नीचे उतरने की चेतावनी देने का प्रयास किया, लेकिन माइक खराब होने के कारण तेज आवाज लगानी पड़ी।
गुरुजन बैरंग लौटे
छात्र मनीष कंवरिया जीसीए में बीए तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है, जिला प्रशासन के निर्देश पर उसे नीचे उतारने के लिए व्याख्याता राजकुमार गोधा और केएस पारीक आदि ने भी प्रयास किया।
पानी के लिए तरस गए
तेज गर्मी में साढ़े पांच घंटे तक टावर पर बैठे दोनों छात्र पानी के लिए तरस गए, सुबह करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने पानी की मांग की। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने उन तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण सफल नहीं हो सके।
चुनाव के खिलाफ नहीं : सराफ
शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि राज्य सरकार छात्रसंघ चुनाव के खिलाफ नहीं है। इस संबंध में सरकार विचार कर रही है और जल्द ही अहम फैसला लिया जाएगा। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक गहलोत ने एनएसयूआई के आंदोलन और उनकी मांगों का समर्थन किया है।
तबीयत बिगड़ी
श्रीगंगानगर में एनएसयूआई के दो पदाधिकारी बस स्टैंड के समीप बीएसएनएल के सब डिविजनल कार्यालय में लगे टावर पर चढ़ गए। टावर पर दिनभर धूप में बैठे रहने से जिला महामंत्री राकेश डाबला की हालत बिगड़ गई, जिसे शाम छह बजे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं व पुलिस की मदद से नीचे उतारा गया। जबकि समाचार लिखे जाने तक ब्लॉक अध्यक्ष टावर पर ही थे।