News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. इंजीनियरिंग, मेडिकल और प्रोफेशनल लेवल के एजुकेशन में सेमेस्टर सिस्टम से होने वाले एक्जाम अब स्कूलों में भी लिए जाएंगे। स्कूल शिक्षा सचिव नंद कुमार ने चालू सत्र में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के 40 लाख से अधिक छात्रों की सेमेस्टर सिस्टम की तर्ज पर परीक्षाएं लेने के आदेश दिए हैं।
गुरुवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि पहली से पांचवीं तक लिखित के साथ मौखिक परीक्षा भी ली जाएगी। इंजीनियरिंग में साल में दो ही एक्जाम होते हैं, लेकिन इस सिस्टम में साल में तीन एक्जाम होंगे। पहला सिलेबस छात्रों से दूसरी परीक्षा में नहीं पूछा जाएगा। इनके अलावा पहली से चौथी की परीक्षाओं में त्नट्रेमेस्टर एक्जाम सिस्टमत्न के आयोजन को हरी झंड़ी दे दी है। पहली से चौथी तक हर सेशन में तीन बार यूनिट परीक्षाएं होंगी, इसीलिए इसे ट्रेमेस्टर सिस्टम का नाम दिया गया है।
श्री कुमार ने भास्कर को बताया कि इसके लिए डीपीआई और विभाग की अन्य संस्थाओं में गूढ़ विचार-विमर्श हो चुका है। लोकल परीक्षाएं स्कूल और बोर्ड परीक्षाएं जिला शिक्षा कार्यालय आयोजित करेंगे। नतीजे भी वे ही जारी करेंगे। अभी यह व्यवस्था लागू है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने और छात्रों को प्रमोट करने के लिए प्रयास किए जा रहे है। इसी कड़ी में ये भी एक प्रयास है। ट्रेमेस्टर एक्जाम के अंतर्गत साल में तीन एक्जाम होंगे।
इन तीनों टम्र्स के अंकों का औसत निकालकर परीक्षाफल तैयार किया जाएगा। पूरे पाठ्यक्रम को तीन भागों में बांटा जाएगा, एक भाग या टर्म में शामिल किए गए हिस्से को अगले में शामिल नहीं किया जाएगा। इन तीनों टम्र्स के अंकों का औसत निकालकर ही परीक्षाफल तैयार किया जाएगा।
मौखिक पर ही प्रमोशन
पहली और दूसरी कक्षा में मौखिक परीक्षा के आधार पर ही अगली कक्षा में पदोन्नत किया जा सकेगा। वहीं तीसरी और चौथी में मौखिक और लिखित दोनों परीक्षा में अलग- अलग पास होना जरूरी होगा। तीनों टर्म के एक्जाम का रिपोर्ट कार्ड देखने पैरेंट्स को बुलाया जाएगा। इसमें शिक्षकों को पंजी एवं रिपोर्ट कार्ड में हस्ताक्षर कर पुष्टि करनी होगी। शिक्षा सचिव ने डीपीआई व संबंधित संस्थाओं को नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
क्या कहते हैं शिक्षक
ट्रेमेस्टर सिस्टम सतत मूल्यांकन पद्धति है। इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को फायदा होगा।
—दानीराम वर्मा, प्राचार्य, दानी गल्र्स स्कूल
तीन भागों में एक्जाम होना छात्र हित में है। वर्तमान में छात्र और शिक्षक दोनों ही एनुवल एक्जाम को महत्व देते है लेकिन इसमें प्रत्येक एक्जाम को महत्व देंगे।
—एन कुजूर, प्राचार्य जेएन पांडे स्कूल
मौखिक परीक्षा लेने का फैसला सही है। साल में तीन बार मौखिक परीक्षा होने से बच्चों में आत्मविश्वास आता है। प्राइमरी में छोटे बच्चें होने के कारण लिख नहीं पाते है लेकिन अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते है।
—सरोजनी पढ़ार, प्रधान पाठिका, छोटापारा बालक प्राथमिक शाला