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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
दुनिया भर में सुरा के शौकीन कम नहीं है। ऐसे रईस बहुत हैं जो महंगी शराब की एक बोतल पर इतना पैसा फूंक देते हैं जितना कमाकर बचाने में गरीब आदमी की जिंदगी निकल जाती है।
देश में भी ऐसे शौकीन तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वक्त था जब सुरा के शौकीन लोगों की नजर में सबसे महंगी स्कॉच व्हिस्की ब्लैक लेबल ही होती थी। जॉनी वाकर, ब्लैक लेबल या रड लेबल तक सीमित प्रीमियम व्हिस्की मॉर्केट आज ब्लू लेबल और किंग जॉर्ज फाइव जैसे ब्रांड तक पहुंच गई है।
मुंबई और दिल्ली के बाद मशहूर शराब निर्माता कंपनी डियाजियो ने चंडीगढ़ और पंजाब में 12 हजार रुपए की ब्लू लेबल से 40 हजार रुपए की किंग जॉर्ज फाइव तक के कई प्रीमियम ब्रांड लॉन्च किए हैं। कंपनी के मॉर्केटिंग डायरक्टर संतोष का कहना है डियाजियो की नजर में चंडीगढ़ और पंजाब व्हिस्की, वाइन और बीयर के बड़े बाजार हैं।
जॉनी वाकर के लेबल पहले से प्रीमियम कैटेगरी में आते हैं, इन्हें बाजार में बढ़िया पहचान मिली है। अब कंपनी ऐसे ब्रांड बाजार में लॉन्च कर रही है जो अभी तक महंगे माने जाते थे। जॉनी वाकर किंग जॉर्ज फाइव एडीशन यूरोपियन हैरीटेज और मॉस्टर क्रॉफ्ट्समैनशिप का रिजल्ट है। कंपनी ने इस ब्रांड की बिक्री का कोई लक्ष्य तय नहीं किया है। बाजार से इसे बढ़िया रिस्पांस मिलना तय है। फाइनेस्ट स्कॉच व्हिस्की किंग जॉर्ज को सदियों पुराने फॉमरूले के साथ तैयार किया गया है। इसे बनाने में दुनिया के बेहतरीन मॉल्ट का उपयोग किया है।
देसी की चार सौ के बदले एक : पंजाब-चंडीगढ़ में 80 से 100 रु. के कंट्री मेड इंडियन लिकर ज्यादा बिकते हैं। उसके बाद 150 से 250 रु. की इंडियन मेड फॉरन लिकर बिकती है। 400 से लेकर 800 रुपए के प्रीमियम ब्रॉन्ड स्कॉच व्हिस्की के तौर पर बिकते हैं। ऐसे में कीमत के मामले में किंग जॉर्ज फाइव की यह बोतल 400 देसी, 200 अंग्रेजी, 50 प्रीमियम बोतलों के बराबर है।