बठिंडा.
गांव दान सिंह वाला में वीरवार को सरपंची के चुनाव में निर्दलीय पंच के समर्थन को लेकर अकालियों और कांग्रेसियों के बीच गोलियां चल गई। आधे घंटे तक दोनों पक्षों में जमकर तलवारें चलीं।
इस घटना में एक अकाली समर्थक की मौत हो गई जबकि दोनों पक्षों के आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। झगड़े के बाद गांव में भारी तनाव है। घायलांे को बठिंडा के सरकारी अस्पताल मंे भर्ती कराया गया और पुलिस ने एहतियात के तौर पर अस्पताल को छावनी में बदल दिया है।
गांव दान सिंह वाला से कुल नौ पंच हैं। इनमे से अकाली दल-कांग्रेस के चार-चार और एक निर्दलीय पंच है। कुछ दिन पहले निर्दलीय पंच अंग्रेज सिंह अचानक गायब हो गया। कांग्रेसियों का कहना था कि अंग्रेज सिंह को अकालियों ने गायब किया है क्योंकि वह कांग्रेस का समर्थन कर रहा था। इसके बाद कांग्रेस से सरपंच पद के दावेदार बंता सिंह ने 15 जुलाई को कथित तौर पर अकाली पंच हाकम सिंह का अपहरण करने का प्रयास किया।
इसकी वजह से कांग्रेसियों और अकालियों में तनाव चल रहा था। वीरवार को गांव मे सरपंच का चुनाव होना था। दोपहर 2.30 बजे जब रिटर्निंग अफसर कांग्रेसी पंचों के साथ सरकारी स्कूल में बैठे थे तो अचानक अकाली पंच अंग्रेज ¨सह को लेकर वहां पहुंच गए। उनके वहां पहुंचते ही दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया और गोलियां चलने लगी।
लोग तलवारें और गंडासियां लेकर भिड़ गए। इसी संघर्ष में गोली लगने से अकाली समर्थक सुरजीत (फ्क्) की मौत हो गई। अकाली समर्थक आत्मा सिंह, जगर सिंह, नरिंद्र सिंह व जशनदीप और कांग्रेस समर्थक प्रीतम सिंह, देव सिंह, बलविंद्र सिंह व विक्कर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यहां जश्नदीप और न¨रद्र की हालत गंभीर बनी हुई है। अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने गांव को सील कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।