अबोहर(फिरोजपुर).यहां से 30 किलोमीटर दूर गांव उसमान खेड़ा में बीती रात जमीनी विवाद में कुछ लोगांे ने तीन सगे भाइयों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने 11 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, शेष फरार हैं। 1962 से कर रहे थे काश्त गांव उसमानखेड़ा निवासी रणजीत सिंह, हजूर सिंह और गुरलाल सिंह (तीनों पुत्र भाग सिंह) अपनी बुआ भगवान कौर की डेढ़ किल्ले जमीन पर १९६२ से काश्त कर रहे थे। कुछ दिन पूर्व भगवान कौर ने पंजाब-राजस्थान की सीमा के साथ लगते गांव सुहागावाली जिला श्रीगंगानगर के दारा सिंह और जसवीर सिंह को जमीन बेच दी थी।
आठ दिन पूर्व आरोपियों ने खुइयां सरवर सब तहसील से जमीन की रजिस्ट्री भी करवा ली थी। गिरदावरी तीनों मृतकों के नाम थी। वीरवार शाम करीब 7.00 बजे आरोपियों ने खेतों में तंबू गाड़ दिए और कब्जा जमा लिया।
तीनों भाई रणजीत सिंह, हजूर सिंह व गुरलाल सिंह ने इस बारे में आरोपियों से बात करनी चाही तो आरोपियों ने तीनों पर गंडासों और लाठियों से हमला बोल दिया। तीनों को इतनी बेहरमी से पीटा कि दो भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई और एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
कोई नहीं आया बचाने
जानकारी के अनुसार गांव वालों को पता चल चुका था कि संघर्ष हो रहा है, लेकिन डर के कारण कोई बीच-बचाव करने नहीं आया। जब तक पुलिस को जानकारी दी गई, आरोपी फरार हो चुके थे। झगड़े में घायल एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने खेतों में से शवों को उठाया। डर के मारे लोग रविवार रात को खेतों में नहीं गए। एसएसपी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि भूमि का विवाद काफी दिनों से था। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बुआ के लालच ने उजाड़ दिए तीन परिवार
जमीनी विवाद में रणजीत सिंह, हजूर सिंह और गुरलाल सिंह की मौत के लिए कोई और नहीं बल्कि उनकी बुआ भगवान कौर ही जिम्मेदार है। गांववालों के अनुसार तीनों के पिता भाग सिंह ने कई वर्ष पूर्व अपनी बहन भगवान कौर के साथ जमीन का बंटवारा कर दिया था और बनते रुपए भी भगवान कौर को दे दिए थे।
पिछले 46 साल से भाग सिंह का परिवार ही जमीन पर काश्त करता आ रहा है और गिरदावरी भी उनके नाम है। कुछ वर्ष पूर्व भाग सिंह की मौत हो गई तो उनके तीनों बेटे जमीन पर काश्त कर रहे थे। रजिस्ट्री बुआ के नाम थी तो उसने पैसे के लालच में जमीन बेच दी और परिणाम यह निकला की तीन भाई अपनी बुआ के लालच की भेंट चढ़ गए।